मुंबई, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदी सिने जगत के मशहूर पाश्र्वगायक दिवंगत मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने कहा है कि उनके पिता देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारतरत्न’ पाने के हकदार हैं। उन्हों यह सम्मान दिया जाना चाहिए।
मोहम्मद रफी की गुरुवार को 91वां जन्मदिन था और इस अवसर पर उनकी जीवनी ‘मोहम्मद रफी-गोल्डन वॉइस ऑफ द सिल्वर स्क्रीन’ लांच की गई, जिसे सुजाता देव ने लिखा है।
इसमें हिंदी सिने जगत में लगभग चार दशक तक अपनी गायिकी का जादू बिखेरने वाले रफी के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर रोशनी डाली गई है।
मोहम्मद रफी को जन्मदिन पर श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में कांग्रेस की मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय निरूपम, उपाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह, अल्पसंख्यक इकाई के अध्यक्ष निजामुद्दीन राईन और बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक भी रहे, जिन्होंने जुहू तारा रोड कब्रगाह में उनकी मजार पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस नेताओं ने भी मोहम्मद रफी को भारतरत्न दिए जाने की मांग की।
दिवंगत गायक के बेटे शाहिद ने पिता को भारतरत्न दिए जाने की मांग करते हुए कहा, “एक पारिवारिक मित्र ने इस पर पहल की है, हम राजनीतिक रूप से भी कोशिश कर रहे हैं। मेर पिता को भारतरत्न मिलना चाहिए, मुझे लगता है कि वह इसके हकदार थे।”
यह पूछे जाने पर कि इतने लंबे समय तक रफी को सम्मान क्यों नहीं दिया गया, शाहिद ने कहा, “मैं नहीं जानता कि इसके पीछे क्या कारण है। इसका निर्णय सरकार द्वारा लिया जाता है, मैं इसे समय पर छोड़ता हूं, जब भी इसका समय आएगा, हम इसे स्वीकार करेंगे।”
रफी ने बतौर गायक वर्ष 1941 में भारतीय संगीत जगत में कदम रखा था और 1980 में 55 साल की उम्र में अचानक निधन तक पीछे मुड़कर नहीं देखा।
dharmpath.com dharmpath