एआईआईबी बीजिंग में औपचारिक रूप से स्थापित

चीन के वित्तमंत्री लू जिवेई ने कहा, “एआईआईबी विधिवत रूप से स्थापित हो गया, क्योंकि समझौते की शर्ते आज से प्रभावी हो गईं।”

समझौते की शर्तो में संस्थापक सदस्यों की बैंक में हिस्सेदारी और नीति निर्माण, प्रशासनिक संरचना, व्यापार तथा संचालन प्रणाली संबंधी नियम हैं। बैंक में 50.1 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले 17 सदस्य देशों के संसद से समझौता पारित हो जाने के बाद ये समझौते की शर्ते प्रभावी हो गईं।

लू ने कहा कि एआईआईबी की स्थापना वैश्विक आर्थिक प्रशासन प्रणाली के सुधार में मील का एक पत्थर है।

लू ने बताया कि निदेशक मंडल और कार्यकारी परिषद की प्रथम बैठक के बाद एआईआईबी का संचालन शुरू हो जाएगा। यह बैठक 16-18 जनवरी को होगी।

बैंक के नामित अध्यक्ष जिन लिकुन ने कहा कि बैंक नए सदस्यों की नियुक्ति शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सदस्य एआईआईबी में नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं।

जिन ने कहा कि बैंक में नए सदस्यों का हमेशा स्वागत किया जाएगा। बैंक में अभी 57 सदस्य हैं। बैंक का मुख्यालय बीजिंग में है।

बैंक में चीन, भारत और रूस की सर्वाधिक क्रमश: 30.34 फीसदी, 8.52 फीसदी और 6.66 फीसदी हिससेदारी है। मताधिकार में उनकी हिस्सेदारी क्रमश: 26.06 फीसदी, 7.5 फीसदी और 5.92 फीसदी है।

बैंक के नाम के मुताबिक, एआईआईबी एशिया में हवाईअड्डे मोबाइल फोन टॉवर, रेलवे और सड़क परियोजनाओं में निवेश करेगा।

बैंक की अधिकृत पूंजी अभी 100 अरब डॉलर है और यह पहली परियोजना को 2016 के मध्य में ऋण जारी कर सकता है।

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