श्रीनगर, 26 दिसम्बर (आईएएनएस)। अलगाववादियों द्वारा शनिवार को आहूत बंद से पूरी कश्मीर घाटी में आम जनजीवन प्रभावित रहा है।
अलगाववादी नेताओं ने बंद का यह आह्वान जम्मू एवं कश्मीर में ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) को खत्म करने की मांग को लेकर किया है।
राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और घाटी के अन्य जिला मुख्यालयों में बैंक, स्कूल और सरकारी कार्यालय बंद रहे। सिर्फ अंतर-जिला सार्वजनिक परिवहन पर हड़ताल का आंशिक असर हुआ है।
सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण सरकारी कार्यालयों, बैंकों एवं डाकघरों में उपस्थिति नगण्य रही।
वरिष्ठ अलगाववादी नेता और हुर्रियत कांफ्रेंस संगठन के अध्यक्ष सैयद अली गिलानी ने शनिवार को वीडीसी के खिलाफ बंद का आह्वान करते हुए कहा कि नागरिकों पर अत्याचार किया जा रहा है।
अलगाववादी नेताओं ने आरोप लगाया कि वीडीसी सरकार की निजी सेना की तरह व्यवहार कर रही है।
जम्मू में गुरुवार को राजौरी जिले के बुधाल इलाके में वीडीसी के एक सदस्य ने एक महिला और उसके बेटे की हत्या कर दी। इसके एक दिन बाद ही एक अन्य वीडीसी सदस्य ने क्षेत्रीय नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के युवा नेता की कालाकोट इलाके में हत्या कर दी।
वीडीसी 1990 के दशक के मध्य में सरकार द्वारा जम्मू क्षेत्र के दूरदराज के गांवों में आतंकवाद से निपटने के लिए गठित किया गया सशस्त्र नागरिक स्वयंसेवकों का समूह है। लेकिन तब से अब तक इस संगठन के सदस्यों के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म, चोरी और अपहरण के करीब 196 मामले दर्ज किए गए हैं।
विपक्षी नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) और अलगाववादी नेताओं ने वीडीसी को समाप्त करने की मांग की, लेकिन सरकार ने यह कहते हुए इससे इनकार कर दिया कि वीडीसी ने आतंकवाद को खत्म करने और राज्य के दूरदराज तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रह रही आबादी की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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