मामला शिकोहाबाद रोड स्थित ग्राम उद्दैतपुर का है। गांव निवासी 30 वर्षीय भूरेलाल उर्फ महाकालेश्वर पुत्र रामेश्वर दयाल पिछले कई साल से साधु भेष में रहता था। वह नशे का आदी बताया है। रात में शराब पीने के बाद महाकालेश्वर की बड़े भाई झाऊलाल से कहासुनी हो गई। इसके बाद गालियां दे रहे महाकालेश्वर को कमरे में बाहर से दरवाजा लगाकर बंद कर दिया गया।
सुबह परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला तो साधु को मृत पड़ा देख दंग रह गए। लोगों ने हत्या की आशंका जताते हुए सूचना पुलिस को दी, तो कोतवाली नगर के इंस्पेक्टर घनश्याम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया। मृतक के चेहरे पर चोट के निशान थे।
भाई और अन्य परिजनों का कहना था, नशे में होने के कारण जमीन पर गिरने से उसके चोट लगी थी। पुलिस साधु की मौत प्रथम ²ष्टया संदिग्ध हालात में होना मान रही है। इंस्पेक्टर का कहना है कि मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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