नई दिल्ली, 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। संगीत कॉन्सर्ट्स और रॉक शो में होने वाले हादसों के लिए अकसर इन कार्यक्रमों को दोषी ठहराया जाता है, लेकिन मशहूर डीजे और वीजे निखिल चिनपा का मानना है कि इनके लिए ये संगीत कार्यक्रम जिम्मेदार नहीं है, बल्कि इन कार्यक्रमों के दौरान लोगों की शराब या नशे का सेवन करने की आदतों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
नई दिल्ली, 30 दिसम्बर (आईएएनएस)। संगीत कॉन्सर्ट्स और रॉक शो में होने वाले हादसों के लिए अकसर इन कार्यक्रमों को दोषी ठहराया जाता है, लेकिन मशहूर डीजे और वीजे निखिल चिनपा का मानना है कि इनके लिए ये संगीत कार्यक्रम जिम्मेदार नहीं है, बल्कि इन कार्यक्रमों के दौरान लोगों की शराब या नशे का सेवन करने की आदतों को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
गोवा में रविवार से शुरू हुए चार दिवसीय ‘वीएच 1 सुपरसोनिक उत्सव’ के क्यूरेटर निखिल के मुताबिक, “यह दुखद है कि संगीत समारोहों के दौरान होने वाले हादसों के लिए कार्यक्रम को दोषी ठहराया जाता है।”
उन्होंने कहा, “संगीत न हो तो भी शराब या नशे का सेवन करने वाले ऐसा जरूर करेंगे। यह एक सामाजिक बुराई है, जिससे समझदारी से निपटना चाहिए।”
निखिल ने आईएएनएस को ईमेल के माध्यम से दिए एक साक्षात्कार में कहा, “इन सामाजिक बुराइयों से लड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने संगीत समारोहों में आने वाले लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा, “सुपरसोनिक समारोह में कार्यक्रम की टिकटें बेचने या कलाकारों पर ध्यान देने से ज्यादा श्रोताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है।”
सुपरसोनिक समारोह के बारे में निखिल ने कहा कि स्थानीय प्रशासन, मादक पदार्थ रोधी विभाग और सादे कपड़ों में तैनात पुलिस की मदद से इस बात का समुचित ख्याल रखा गया है कि समारोह स्थल नशा मुक्त रहे।
इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिकी कलाकार स्क्रिल्लेक्स के भीड़भाड़ वाले कॉन्सर्ट में नाचने के दौरान एक फैशन डिजाइनर की हुई मौत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “हम हर स्तर पर लगातार सार्वजनिक घोषणाएं करके लोगों को अवैध पदार्थो के सेवन और समारोह के दौरान निर्जलीकरण के कारण होने वाले खतरों के प्रति भी आगाह करते रहते हैं।”
वह इस बात से भी संतुष्ट हैं कि सरकार ने लाइव समारोहों के लिए कागजी कार्रवाई के लिए एकल खिड़की प्रणाली शुरू कर दी है, जिससे यह प्रक्रिया आसान हो गई है।
उन्होंने कहा, “गोवा सरकार ने कुछ समय पहले ही ऐसा किया है और अगर अन्य राज्यों की सरकारें भी ऐसा ही करें तो अच्छा होगा।”
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