जयपुर, 31 दिसंबर (आईएएनएस)। राजस्थान सरकार ने जहां एक तरफ मुख्य सचिव सी.एस.राजन को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि दलित होने के कारण उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने की मांग की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वह इस्लाम धर्म अपना लेंगे।
साल 1878 बैच के आईएएस अधिकारी उमराव सालोदिया राज्य के मुख्य सचिव बनने की दौड़ में शामिल हैं। वह वर्तमान में राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष हैं।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे व केंद्र के कार्मिक विभाग को लिखे एक पत्र में सालोदिया ने कहा, “आजादी के बाद पहली बार अनुसूचित जाति व जनजाति श्रेणी से एक आईएएस अधिकारी के तौर पर आज मुझे वरिष्ठता के आधार पर राजस्थान का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया।”
“इसके बावजूद, मुझे यह मौका न देकर भारत सरकार की मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने मुख्य सचिव सी.एस.राजन को 31 मार्च, 2016 तक तीन महीने का सेवा विस्तार दे दिया।”
राजन गुरुवार को सेनानिवृत्त होनेवाले थे।
सालोदिया ने एक पत्र में कहा, “मैंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है। मेरे आवेदन को मंजूरी दी जाए, ताकि मुझे अपने कनिष्ठ के अंदर काम नहीं करना पड़े।”
सालोदिया 30 जून, 2016 को सेवानिवृत्त होनेवाले हैं।
यहां संवाददाता सम्मेलन बुलाकर सालोदिया ने कहा कि दलित होने के कारण उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि वह इस्लाम धर्म अपना लेंगे।
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