आईजोल/इंफाल, 1 जनवरी (आईएएनएस)। मिजोरम व मणिपुर सरकारें फरवरी महीने से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लागू करेंगी।
मिजोरम के खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता मामलों के मंत्री जॉन रोटलुआंगलियाना ने आईजोल में कहा, “योजना से जिन लोगों को बाहर किया गया है, उन्हें जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से चावल प्रदान किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि 11 लाख की आबादी में से 706,296 लोगों को एनएफएसए के तहत रियायती दरों पर चावल प्रदान किया जाएगा, जबकि बाकी आबादी 15 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आठ किलोग्राम चावल खरीद सकती है।
इंफाल में मणिपुर के खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग ने कहा, “खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागू करने के लिए आंकड़ों को कंप्यूटरीकृत करने तथा राशन काडरें के डिजिटाइजेशन का काम अंतिम चरण में है।”
त्रिपुरा की वाम मोर्चा सरकार ने बीते साल एक सितंबर से एनएफएसए की शुरुआत की थी।
असम इस योजना का क्रियान्वयन 24 दिसंबर से कर रहा है, जिससे 2.40 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
पांच जुलाई, 2013 को अस्तित्व में आए एनएफएसए के तहत, प्रत्येक योग्य व्यक्ति को प्रति महीने पांच किलोग्राम अनाज मिलेगा, जिसमें तीन रुपये प्रति किलोग्राम चावल, दो रुपये प्रति किलोग्राम गेहूं और एक रुपये प्रति किलोग्राम मोटा अनाज मिलेगा।
एनएफएसए 75 फीसदी ग्रामीण आबादी व 50 फीसदी तक शहरी आबादी को रियायती दरों पर अनाज प्रदान करने की मंजूरी प्रदान करता है।
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