सिलवेटी के मुताबिक, गत पांच साल में चीन में चिली के शराब की बिक्री 43 फीसदी बढ़ी है और यह 2016 में 30 फीसदी और बढ़ सकती है। इससे चीन इस शराब का दूसरो सबसे बड़ा उपभोक्ता देश बन जाएगा।
उन्होंने कहा, “अभी चीन में 15 करोड़ डॉलर मूल्य का चिली का शराब बिकता है, जो 2016 में बढ़कर 18-19 करोड़ डॉलर का हो सकता है।”
सिलवेटी ने कहा, “चीन में सांस्कृतिक बदलाव हो रहा है और हमारा मानना है कि बिक्री और बढ़ सकती है।”
उनके मुताबिक, अभी चीन में प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष शराब की खपत एक लीटर से कम है। यह बढ़ सकती है, क्योंकि चीन खपत पर जोर दे रहा है।
सिलवेटी चिली के शराब के भविष्य पर आयोजित एक सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि चिली अभी चीन को शराब का तीसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता देश है। इससे पहले फ्रांस और आस्ट्रेलिया का स्थान आता है।
उन्होंने कहा कि अभी चिली की 25 शराब कंपनियों के चीन में कार्यालय हैं।
सिलवेटी ने यह भी कहा कि चिली और चीन के बीच 2006 में मुक्त व्यापार समझौता होने के कारण भी चिली के शराब को चीन में यह कामयाबी मिली है।
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