टोरंटो, 6 जनवरी (आईएएनएस)। गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से पहले भी कई प्रकार के नुकसान की बात साबित हो चुकी है और अब एक नए शोध में भी साबित हुआ है कि गर्भावस्था के दौरान शराब पीने से बच्चे में 428 तरह के रोगों के होने का खतरा हो सकता है।
पत्रिका ‘द लांसेट’ में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, गर्भावस्था में शराब पीने से शिशु को ‘फीटल अल्कोहोल स्पेक्ट्रम डिसऑडर्स’ (एफएएसडी) से संबंधित बिमारियां होने का खतरा होता है।
एफएएसडी ऐसी शारीरिक अक्षमताएं हैं जो जन्म से पूर्व अल्कोहोल के प्रभाव में आने के कारण होती हैं।
टोरोंटो स्थित ‘सेंटर फॉर एडिक्शन एंड मेंटल हेल्थ’ के प्रमुख शोधकर्ता लाना पोपोवा के मुताबिक, “हमने एफएएसडी के साथ होने वाली कई बिमारियों का पता लगाया है। शोध से साबित हुआ है कि गर्भावस्था के किसी भी चरण में, किसी भी मात्रा या प्रकार के शराब का सेवन सुरक्षित नहीं है और यह विकसित होते भ्रूण के किसी भी अंग या अंग प्रणाली को प्रभावित कर सकता है।”
एफएएसडी की गंभीरता और लक्षण कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि शराब का सेवन कितना और कब किया गया, मां के जीवन में तनाव का स्तर, पोषण और पर्यावरणीय प्रभाव किस प्रकार का रहा?
साथ ही यह मां और शिशु के शरीर में शराब के रसायनिक विभाजन की क्षमता पर भी निर्भर करता है।
127 अध्ययनों के बाद 428 रोगों की पहचान की गईं और पाया गया कि ये केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क), ²ष्टि, श्रवण, हृदय, रक्त, पाचन और श्वसन प्रणाली समेत शरीर की लगभग हर प्रणाली को प्रभावित कर सकती हैं।
पोपोवा ने कहा कि अगर आप स्वस्थ शिशु चाहते हैं तो गर्भाधान की योजना बनाने की अवधि से लेकर संपूर्ण गर्भावस्था में शराब से बिल्कुल दूर रहें।
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