शिमला, 7 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका वाड्रा ने उनके जमीन खरीद मामले की अंतिम सुनवाई जल्द करने के लिए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल की है।
न्यायाधीश त्रिलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश पी. एस. राना की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अदालत की रजिस्ट्री को सुनवाई की तारीख जल्द तय करने का निर्देश दिया।
प्रियंका वाड्रा ने राज्य सूचना आयोग के उस निर्देश को अदालत में चुनौती दी है, जिसमें आयोग ने शिमला के उपायुक्त को यह निर्देश दिया था, कि वे सूचना अधिकार कार्यकर्ता देवाशीष भट्टाचार्य को प्रियंका वाड्रा द्वारा प्रदेश की राजधानी के बाहरी हिस्से में खरीदी गई जमीन से संबंधित जानकारी मुहैया कराएं।
इससे पहले उच्च न्यायालय ने मुख्य सूचना आयुक्त भीम सेन और सूचना आयुक्त के. डी. वशिष्ठ को अदालत की अवमानना के आरोप से मुक्त करने का फैसला सुनाया था। उन पर अदालत में दस्तावेज प्रस्तुत करने में कोताही बरतने के कारण अदालत की अवमानना का मामला चलाया गया था।
प्रियंक वाड्रा द्वारा दाखिल अदालत की अवमानना याचिका पर इन अधिकारियों को कोर्ट ने पिछले साल 27 नवंबर को बुलाया था जहां इन्होंने बिना शर्त माफी मांगी थी। इसके बाद कोर्ट की पीठ ने अवमानना याचिका रद्द कर दिया।
प्रियंका वाड्रा ने यह आरोप लगाया था कि उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए स्थगन आदेश के बावजूद सूचना आयोग ने इस मामले पर कार्रवाई जारी रखते हुए दस्तावेजों की मांग की।
पिछले साल अगस्त में सूचना आयोग ने उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा समेत सरकारी अधिकारियों की खिंचाई की और जमीन मामले से संबंधित दस्तावेजों को तलब किया।
उन अधिकारियों पर सूचना अधिकार के तहत जानकारी नहीं देने को लेकर दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
प्रियंका वाडा का कॉटेज शिमला से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर जमीन से 8,000 फीट की ऊंचाई पर बन रहा है।
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