छत्तीसगढ़ के 54 गांवों में चलेगा जल क्रांति अभियान

रायपुर, 7 जनवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ में भी जल क्रांति अभियान के तहत प्रत्येक जिले से दो गांवों के मान से 27 जिलों के 54 गांवों का चयन कर लिया गया है। इन गांवों में पानी के संरक्षण और समुचित उपयोग के लिए व्यापक कार्य योजना बना ली गई है।

कार्ययोजना के अनुसार, चयनित गांवों में पानी के संरक्षण के लिए कराए जाने वाले कार्यो का प्रस्ताव राज्य शासन के विभिन्न विभागों को भेजा जा चुका है। इन गांवों को जलग्राम नाम दिया गया है। जल ग्रामों में पानी के संरक्षण और उपयोग के लिए आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

जल संसाधन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने यहां गुरुवार को बताया कि केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय द्वारा जल संरक्षण एवं प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए जल क्रांति अभियान शुरू किया गया है।

अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में चयनित गांवों में पानी की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। पानी के संरक्षण के संबंध में जन-जागरूकता लाने उल्लेखनीय प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इन गांवों में पानी की आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए नीर नारी और जलमित्र भी बनाया जाएगा। जल गांवों की महिला पंचायत सदस्यों को भी जलमित्र बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

अग्रवाल ने बताया कि जल गांवों में बंद हो चुके जल संसाधनों जैसे जलाशयए टैंक आदि की मरम्मत और नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा। बरसात के पानी का विभिन्न माध्यमों से संचय कर भू-जल स्तर बढ़ाने की पहल की जाएगी। इसके लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। जल संरक्षण के लिए नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

जल क्रांति अभियान के तहत जल संरक्षण और विकास योजनाओं पर पंचायत राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के तहत जल संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन में परम्परागत जानकारियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकारी, गैर सरकारी संगठनों और आम नागरिकों की क्षेत्र स्तरीय जानकारियों का भी बेहतर उपयोग करने का निर्णय लिया गया है।

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि जल क्रांति अभियान 2015-16 के तहत बस्तर जिले के बड़े देवड़ा, बुरजी, कोंडागांव जिले के जोबा, चिपरैल, नारायपुर जिले के एड़का, रेमावंड, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के पुसवाड़ा, दमकसा, दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के कुण्डेली भोगम, सुकमा जिले के छिंदगढ़, छापरा, बीजापुर जिले के गुदमा, र्केमरका, बिलासपुर जिले के तिलोरा, दुर्गडीह, मुंगेली जिले के डाकाचाका, भरेवां, जांजगीर-चाम्पा जिले जुनाडीह, भांठा, कोरबा जिले के जल्के, चोढ़ा, रायगढ़ जिले के सम्बलपुरी, भकुर्रा, सरगुजा जिले के सोनपुर कला, असकरा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के खटवाबरदर, परियाडीह, सूरजपुर जिले के बजाय गोविंदपुर, कोरिया जिले के फुनगा, कटगोड़ी, जशपुर जिले के जोरण्डाझरिया, जामपानी, रायपुर जिले के रीवा, छेड़िया, बलौदाबाजार -भाटापारा जिले के टोपा, झिर्रा, गरियाबंद जिले के सड़क परसुली, मुनगापदर, महासमुंद जिले के बांसकुण्डा, बेडेसरा, धमतरी जिले के कोरगांव, छुही, दुर्ग जिले के निकुम, मोहलई, बालोद जिले के पुसावड़, सिंघोला, बेमेतरा जिले के पुटपुरा, रामपुर, राजनांदगांव जिले के कौड़ीकसा, सोमनी तथा कबीरधाम जिले के सेमो और ठाठापुर (श्रीरामपुर) का चयन किया गया है।

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