बोर्ड राज्य में बॉलीवुड समेत क्षेत्रीय भाषाओं की शूटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए फिल्म निर्माताओं का सम्मेलन आयोजित करने पर विचार कर रहा है। तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
इस प्रयास से न केवल प्रदेश के पर्यटन को पंख लग सकते हैं, बल्कि फिल्म निर्माताओं के लिए भी यह बहुत अच्छा बाजार साबित हो सकता है।
विगत दिनों आगरा में हुए प्रवासी भारतीयों के संगम में उत्तर प्रदेश फिल्म बंधु ने स्टॉल लगाकर राज्य में फिल्म निर्माताओं को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी थी, जिसे प्रवासी भारतीयों ने जमकर सराहा था।
प्रवासी भारतीयों के इस समागम में फिल्म निर्माता राहुल मित्रा को ‘सरकार-3 इन यूपी’ की शूटिंग के लिए आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम मंे फिल्म जगत की कई हस्तियों की मौजूदगी से प्रवासी काफी प्रभावित हुए थे।
उत्तर प्रदेश में शूटिंग के अच्छे स्थल एवं प्रतिभाएं हैं तथा सरकार का रवैया भी सहयोगात्मक है, इसलिए यहां पर फिल्म बनाना मुनाफे का सौदा हो सकता है।
फिल्म निर्माता राहुल मित्रा, मुजफ्फर अली, मीर अली, सुधीर मिश्रा, संजय खां भी आगरा के प्रवासी भारतीयों के समागम से इतने अभिभूत थे कि ऐसा लगा, जैसे वे मेहमान न होकर आयोजक हों।
निर्माता सुधीर मिश्रा और मुजफ्फर अली ने कहा कि नवाचार (इनोवेशन) से फिल्म निमार्ताओं को उप्र की ओर आकर्षित किया जा सकता है।
युवा अभिनेता जायद खां सैद्धांतिक रूप से इस बात पर सहमत थे कि युवा फिल्म निमार्ताओं और छोटी फिल्म बनाने वालों के प्रदेश में आने से बेरोजगार युवकों का भविष्य बेहतर बन सकता है।
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