पटना, 11 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार की महागठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस ने बिहार सरकार की वेबसाइट पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासनकाल को अंग्रेजों के शासनकाल से भी खराब बताने पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है। इधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे सही बताते हुए कहा कि इतिहास के साथ अगर छेड़छाड़ की गई तो भाजपा इसका विरोध करेगी।
बिहार सरकार के वेबसाइट पर एक लेख में इंदिरा गांधी के निरंकुश शासन और आपातकाल के समय बढ़े दमन और जयप्रकाश नारायण (जेपी) का जिक्र करते हुए लिखा गया है, “वह जेपी ही थे, जिन्होंने मजबूती से इंदिरा के एकतरफा शासन और उनके छोटे बेटे संजय गांधी का विरोध किया था। जेपी के विरोध पर लोगों के रिएक्शन से डरकर ही इंदिरा गांधी ने 26 जून 1975 को इमरजेंसी का ऐलान करते हुए उन्हें गिरफ्तार करवा दिया था। उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था, जहां अपराधियों को रखा जाता है।”
इस लेख में बिहार के इतिहास की चर्चा करते हुए लिखा गया है कि आपातकाल का विरोध करने पर लोकनायक जय प्रकाश नारायण के साथ इंदिरा गांधी का व्यवहार ब्रिटिश राज में किए गए बर्ताव से भी खराब था।
इधर, इस मामले के मीडिया में आने के बाद कांग्रेस के नेता नाराज हो गए हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि प्रत्येक कांग्रेसजन को इंदिरा गांधी पर गर्व है।
उन्होंने कहा, “यह उल्लेख पूर्णतया अस्वीकार्य है और उनकी पार्टी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष यह मुद्दा उठाएगी।”
इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी कुमार यादव ने कहा, “पहले की स्थितियां और आज में बहुत अंतर है। बिहार के अधिकांश नेता जेपी आंदोलन की ही उपज हैं। अगर वेबसाइट पर कोई विरोध है, तो सरकार इसे देखेगी। उन्होंने कहा कि कई चीजें अभी अपडेट नहीं हुई हैं, जिसे अपडेट करने की जरूरत है।”
इस बीच जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों को कुरेदना सही नहीं है, सरकारी मशीनरी के तहत काम होता है। उन्होंने कहा कि यह सरकारी बेबसाइट पर उजागर हुआ है और इस पर सरकार उचित निर्णय लेगी।
इधर, भाजपा के नेता और केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार सरकार की वेबसाइट पर जो उल्लेख है, वह सही है। सरकार अगर इतिहास के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश करती है, तो भाजपा इसका विरोध करेगी।
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