महोबा, 13 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन बुंदेलखंड में सूखे का हाल जानने बुधवार को महोबा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दो गांवों छानी व रैपूरा में चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनी और उन्हें सरकार की तरफ से हर सम्भव मदद दिलाने का भरोसा भी दिया। किसानों से बातचीत के बाद मुख्य सचिव ने माना पूरा बुंदेलखण्ड भयंकर सूखे की चपेट में है।
मुख्य सचिव ने किसानों की मांग पर उन्होंने सर्वे कराकर बड़े पैमाने पर नलकूप लगवाने को कहा ताकि खेती को पानी मिल सके और सूखे से काफी हद तक निपटा जा सके।
आलोक रंजन ने कहा मुख्यमंत्री और शासन सूखे के प्रति बहुत संवेदनशील और चिन्तित हैं, इससे निपटने के लिए कार्ययोजना बन चुकी है।
रैपुरा में हालांकि उनको किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। बांदा के बड़ुई गांव में रात में उनके रुकने के लिए भव्य वस्वस्था की गयी है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की कार्ययोजना के अनुसार तेजी से काम करें, इसमें लापरवाही किसी कीमत पर माफ नहीं की जाएगी। मजदूरों और गरीबों का पलायन रोकने के लिए मनरेगा में 100 के बजाय 150 दिन की मजदूरी देने के आदेश पहले ही कर दिए गए हैं।
उन्होंने रबी की केवल 15 फीसदी बुआई हो पाने पर चिंता जतायी और कहा कि ऐसी स्थिति आगे न आए इसके लिए इंतजाम किए जाएंगे।
उन्होंने किसानों के हर सवाल का जवाब दिया और भरोसा दिलाया उनको हर सम्भव मदद मिलेगी।
मुख्य सचिव ने छात्राओं को कन्या विद्याधन, बागवानी करने वाले किसानों को चेक व महिलाओं को खाद्यान्न वितरित किया।
मुख्य सचिव के रैपुरा गांव पहुंचने पर किसानों ने खूब नारेबाजी की, हमारी मांगें पूरी करो, सूखे से निपटने के इंतजाम करो के नारों से पंडाल गूंजा तो अफसरों के होश उड़ गए। दस मिनट तक नारेबाजी के बाद किसान तभी माने जब खुद मुख्य सचिव ने उनको समझाया और हर तरह की मदद का आश्वासन दिया।
dharmpath.com dharmpath