प्रस्ताव में सीरिया में लड़ाई में शामिल सभी पक्षों से जरूरतमंद नागरिकों तक मानवीय मदद पहुंचाने का आग्रह किया गया है।
विद्रोहियों का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब मानवीय सहायता दमिश्क के उत्तरी इलाके में स्थित मादया तक पहुंच चुकी है। सरकारी सुरक्षाबलों ने मादया की छह महीनों से घेरेबंदी कर रखी है। गुरुवार को शहर में और अधिक सहायता पहुंचने की उम्मीद है।
विश्व शक्तियों के बीच इस बात पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है कि सीरिया में लड़ रहे समूहों में कौन आतंकवादी संगठन है और कौन सा विद्रोही समूह जेनेवा में 25 जनवरी को होने वाली शांति वार्ता में हिस्सा लेगा। बैठक का उद्देश्य सीरिया सरकार व विपक्ष के प्रतिनिधियों को जेनेवा में वार्ता की मेज पर लाना है, ताकि पांच वर्षो से जारी सीरिया संकट का राजनीतिक समाधान निकल सके।
सीरिया के विदेश मंत्री वालिद अल-मोआलेम ने कहा कि जेनेवा में वार्ता के लिए आने वाले विपक्षी बलों की सूची बनाई जानी चाहिए, क्योंकि सीरिया सरकार किसी प्रेतात्मा के साथ वार्ता नहीं करेगी।
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