श्रीनगर , 17 जनवरी (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में रविवार को उस समय अफरातफरी और भय का वातावरण पैदा हो गया, जब अफवाह फैली कि घाटी में पोलियो की खुराक दिए जाने से कुछ बच्चों की मौत हो गई है। सैकड़ों अभिभावक अपने बच्चों को लेकर बेचैनी के आलम में अस्पतालों की तरफ भागे। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बच्चे की मौत नहीं हुई है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
अधिकारियों के यह कहने के बावजूद कि कोई मौत नहीं हुई है, अभिभावक अपने बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे। इन बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई थी। अस्पतालों में लोगों का हुजूम लग गया।
अधिकारियों के साथ-साथ मस्जिदों से भी ऐलान किया गया कि शांति बनाए रखें और घबराएं नहीं।
अनंतनाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी फाजिल कोचक ने फोन पर आईएएनएस से कहा, “घाटी में कहीं से भी पोलियो ड्राप की वजह से किसी के भी मरने की रपट नहीं मिली है। शरारती तत्व सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर झूठी बातें फैला रहे हैं। अभिभावकों को बेसिर-पैर की इन अफवाहों पर बिलकुल ध्यान नहीं देना चाहिए। “
लेकिन, अधिकारियों द्वारा खंडन किए जाने के बावजूद कई चिंतित परिजन घाटी के शहरों में अस्पतालों में पहुंचे, जिनके बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई थी। इसके कारण श्रीनगर में यातायात जाम की स्थिति देखने को मिली।
अनंतनाग में एक अस्पताल के कर्मचारी ने बताया कि सैकड़ों ऐसे अभिभावक उन बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे जिन्हें पोलियो खुराक दी गई थी।
अधिकारियों ने रेडियो और टेलीविजन केंद्रों से अनुरोध किया है कि वे आधिकारिक खंडन को प्रसारित करें और शांति बनाए रखें।
पुलिस उप महानिरीक्षक नीतीश कुमार ने आईएएनएस से कहा कि इस बात की जांच की जा रही है कि अफवाह की शुरुआत कहां से हुई। उन्होंने कहा, “हम इसके उद्गम की तलाश कर रहे हैं। दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मनदीप भंडारी ने कहा कि मौतों की अफवाहें आधारहीन हैं। पोलियो वैक्सीन 100 फीसदी सुरक्षित है।
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