हैदराबाद, 20 जनवरी (आईएएनएस)। हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय पर छात्र के निलंबन का दबाव नहीं बनाया था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से मिली दो प्रस्तुतियों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा था।
उन्होंने कहा कि उन्हें एबीवीपी की ओर से 10 अगस्त, 2015 को एक पत्र मिला था और उन्होंने परिसर की स्थिति में सुधार की मंशा से उसे एक कवर लेटर के साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज दिया था।
उन्होंने कहा कि 29 अगस्त को उन्हें एक और पत्र मिला और उन्होंने उसे भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज दिया था।
दत्तात्रेय ने एक बयान में कहा, “मैंने संबंधित मंत्रालय में इन दो पत्रों को भेजकर प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी रूप में इस मामले में हैदराबाद विश्वविद्यालय के फैसले को प्रभावित नहीं किया। मेरी भूमिका केवल पत्र भेजने तक ही सीमित थी। अगर मुझे कोई अन्य छात्र संगठन भी यह आग्रह करता तो मैं उनके पत्र भी खुशी से भेजता।”
दत्तात्रेय ने रोहित के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की।
उन्होंने कहा, “80 के दशक से राजनीति में प्रवेश करने से लेकर अब तक मैं समाज के पिछड़े और हर वर्ग के साथ नियमित रूप से जुड़ा रहा हूं। आम लोगों और हर वर्गो की शिकायतों को संबंधित मंत्रालयों तक भेजने को मैं अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी समझता हूं।”
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