हैदराबाद/नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में छात्रों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि यह दलित बनाम गैर दलित का मुद्दा नहीं है। जबकि, केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने सफाई दी कि उन्होंने रोहित को निलंबित करने के लिए विश्वविद्यालय पर दबाव नहीं डाला था।
हैदराबाद/नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में छात्रों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। मामले के तूल पकड़ने के बाद केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि यह दलित बनाम गैर दलित का मुद्दा नहीं है। जबकि, केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने सफाई दी कि उन्होंने रोहित को निलंबित करने के लिए विश्वविद्यालय पर दबाव नहीं डाला था।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “इस मुद्दे को जातीयता का रंग देने का कुत्सित प्रयास किया गया है। सच्चाई यह है कि यह जातिगत मुद्दा नहीं है।”
उन्होंने कहा कि मामले को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है।
ईरानी ने कहा, “मैं रोहित की आत्महत्या से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना चाहती हूं, जिन्हें गलत ढंग से पेश किया जा रहा है। यह दलित बनाम गैर दलित विवाद का मामला नहीं है।”
उन्होंने कहा कि मीडिया में इस बात की चर्चाएं हैं कि वेमुला ने उन व्यक्तियों और संगठनों के नाम जाहिर किए हैं, जिन्होंने उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया।
उन्होंने मीडिया को एक पत्र दिखाते हुए कहा कि राज्य पुलिस को मामले की जांच के दौरान यही एकमात्र पत्र मिला है।
उन्होंने पत्र में से कुछ पंक्तियां भी पढ़ीं और इसके आधार पर साबित करने का प्रयास किया कि यह ऐसा मामला नहीं है, जैसा पेश किया जा रहा है।
रोहित के साथ निलंबित हुए अन्य छात्रों का परिसर में आंदोलन जारी है। उन्होंने स्मृति ईरानी के बयान की निंदा की और उन पर तथ्यों से खिलवाड़ का आरोप लगाया।
छात्र संगठनों के संयुक्त मंच ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) फार सोशल जस्टिस ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन जारी रखा है। विश्वविद्यालय को बंद कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि कुलपति अप्पा राव के इस्तीफे और रोहित के घरवालों को इंसाफ मिलने के बाद ही कक्षाएं होने दी जाएंगी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से भेजी गई दो सदस्यीय जांच समिति ने दूसरे दिन भी अपनी जांच जारी रखी।
इस बीच, केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और सिकंदराबाद के सांसद बंडारू दत्तात्रेय ने बुधवार को स्पष्ट किया कि उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय पर छात्र के निलंबन का दबाव नहीं बनाया था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से मिले दो ज्ञापनों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा था।
दत्तात्रेय ने रोहित के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दत्तात्रेय ने एक बयान में कहा, “मैंने संबंधित मंत्रालय में इन दो पत्रों को भेजकर प्रत्यक्ष या परोक्ष किसी भी रूप में इस मामले में हैदराबाद विश्वविद्यालय के फैसले को प्रभावित नहीं किया। मेरी भूमिका केवल पत्र भेजने तक ही सीमित थी। अगर मुझे कोई अन्य छात्र संगठन भी यह आग्रह करता तो मैं उनके पत्र भी खुशी से भेजता।”
विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न दलों के नेताओं का आना जारी है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी बुधवार को विश्वविद्यालय पहुंचे और उन्होंने मामले में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से दखल देने की अपील की।
येचुरी ने परिसर में छात्रों को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि वह इस मामले में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मिलेंगे जो कि विश्वविद्यालय के कुलाध्यक्ष हैं। वह राष्ट्रपति से मामले में दखल देने का आग्रह करेंगे।
येचुरी ने कहा कि बीते कुछ सालों में हैदराबाद विश्वविद्यालय में 12 दलित छात्र खुदकुशी कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रपति से मिलेंगे और उनसे पूछेंगे कि किस आधार पर उन्होंने बीते साल हैदराबाद विश्वविद्यालय को सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय का पुरस्कार दिया था जबकि यहां ये सब हो रहा है।”
इससे पहले विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए येचुरी ने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों बंडारू दत्तात्रेय और स्मृति ईरानी तथा कुलपति अप्पाराव को हटाया जाए क्योंकि ये तीनों आपराधिक साजिश का हिस्सा हैं।
येचुरी ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जांच आंख में धूल झोंकने के समान है। इस मामले की निष्पक्ष जांच, या तो सीबीआई या न्यायिक जांच, होनी चाहिए।
रिपब्लिकन पार्टी नेता रामदास अठावले को परिसर में छात्रों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। छात्रों ने उनसे कहा कि वह पहले भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार से समर्थन वापस लें। पुलिस अठावले को हटाकर ले गई।
परिसर में बुधवार को छात्रों से मुलाकात करने वालों में वाईएसआर कांग्रेस के प्रमुख जगनमोहन रेड्डी, तृणमूल कांग्रेस सांसद प्रतिमा मंडल और डेरेक ओ ब्रायन भी शामिल थे।
एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को हैदराबाद जाएंगे और रोहित के घरवालों से मुलाकात करेंगे।
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