इंफाल, 27 जनवरी (आईएएनएस)। मणिपुर में जनवरी की 4 तारीख को आए भूकंप के बाद यहां सरकार के कामकाज पर अब तक असर पड़ रहा है। भूकंप की वजह से राज्य के नए सचिवालय भवन को क्षति पहुंची है। इसी भवन में कई मंत्री और वरिष्ठ अफसरों के दफ्तर हैं।
इंफाल, 27 जनवरी (आईएएनएस)। मणिपुर में जनवरी की 4 तारीख को आए भूकंप के बाद यहां सरकार के कामकाज पर अब तक असर पड़ रहा है। भूकंप की वजह से राज्य के नए सचिवालय भवन को क्षति पहुंची है। इसी भवन में कई मंत्री और वरिष्ठ अफसरों के दफ्तर हैं।
भूकंप से प्रभावित इस भवन में मंत्री, अफसर और संसदीय सचिव काम नहीं कर पा रहे हैं और इससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
स्थिति को और मुश्किल बनाने वाली एक बात यह भी है कि कोई भी वरिष्ठ अफसर इस स्थिति के बारे में कुछ भी बताने के लिए उपलब्ध नहीं है।
सूत्रों ने बताया कि सरकार कामकाज को सामान्य बनाने के लिए नए भवन में मंत्रियों और अफसरों के दफ्तरों को ले जाने के बारे में सोच रही है।
भूकंप की वजह से सचिवालय की दीवारों में बड़ी दरारें पड़ गई हैं। खंभों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है। लेकिन, कोष के अभाव में मणिपुर सरकार इनकी मरम्मत नहीं करवा सकी है। मरम्मत के नाम पर सिर्फ इतना हुआ है कि क्षतिग्रस्त खंभों में कुछ लोहे के राड की टेक लगा दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया कि मणिपुर सरकार ने राहत और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से 500 करोड़ रुपये मांगे हैं, लेकिन अभी तक केंद्र से कोई जवाब नहीं मिला है।
खास बात यह है कि भूकंप ने नए भवनों को तो हिला दिया, लेकिन ब्रिटिश राज में बने भवनों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
यहां दो व्यावसायिक जगहों को काफी नुकसान पहुंचा है। सामान बेचने वाली करीब 2000 महिलाओं को इन जगहों से दूर रहने के लिए कहा गया है। इन्हें कारोबार के लिए सरकार थोड़ी जगह मुहैया करा सकी है।
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