नवनीत कुमार और जयति चंद्रा की खंडपीठ ने कहा कि अमिताभ द्वारा 15 जुलाई 2015 को आरोपपत्र प्राप्त करने के पूर्व ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 14 जुलाई को वी.के. गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया गया जो अखिल भारतीय सेवा अनुशासन एवं अपील नियमावली के नियम 8(6) के विरुद्ध है।
कैट ने राज्य सरकार को अमिताभ द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने संबंधी प्रत्यावेदन पर भी उचित निर्णय लेने के आदेश दिए और कहा कि साक्ष्यों से यह स्थापित हो जाता है कि आईपीएस अफसरों के विभागीय मामलों में गृह मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री ही निर्णयकर्ता प्राधिकारी हैं।
कैट ने कहा कि राज्य सरकार विभागीय जांच में समस्त कार्यवाही नियमों के अनुसार ही संपादित करे।
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