त्रिशूर, 28 जनवरी (आईएएनएस)। यहां की एक अदालत ने केरल के सतर्कता विभाग को सौर ऊर्जा घोटाले में मुख्यमंत्री ओमन चांडी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत के आदेश के बाद चांडी ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया।
त्रिशूर सतर्कता अदालत ने ऊर्जा मंत्री आर्यदन मोहम्मद के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
मामले की एक मुख्य आरोपी सरिता नायर ने न्यायिक समिति के समक्ष खुलासा किया था कि उसने चांडी को दो किस्तों में 1.90 करोड़ रुपये दिए थे, जिसके बाद कार्यकर्ता पी.डी. जोसफ द्वारा दायर एक याचिका पर अदालत ने यह निर्देश दिया।
नायर ने कहा कि यह रकम चांडी द्वारा अपने कर्मचारी जिकुमोन के जरिए मांगी गई सात करोड़ रुपये की रिश्वत का हिस्सा था।
नायर ने कहा कि उसने मोहम्मद को भी 40 लाख रुपये दिए हैं।
अदालत के निर्देश के जवाब में चांडी ने मलप्पुरम में संवाददाताओं को कहा, “मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं जांच का सामना करूंगा और इसमें पूरा सहयोग दूंगा।”
यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस्तीफा देंगे, चांडी ने उल्टा सवाल दागते हुए कहा, “किसलिए?”
मोहम्मद ने भी चांडी की तरह ही सुर में सुर मिलाते हुए कहा, “हमने कुछ भी गलत नहीं किया है। मैं जांच का सामना करूंगा और अपना पूरा सहयोग दूंगा।”
चांडी से जुड़े नजदीकी सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि वह इस मामले में अपने वकीलों से बात कर रहे हैं।
इसी बीच विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव कोडियेरी बालाकृष्णन ने संवाददाताओं को कहा, “अदालत ने प्राथमिकी के जरिए अपनी मंशा जाहिर कर दी है और अब चांडी के पास केवल एक ही रास्ता बचा है कि वह जितनी जल्दी हो सके अपना इस्तीफा दे दें।”
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