जयपुर, 31 जनवरी (आईएएनएस)। राजस्थान के उदयपुर जिले के बीचावाड़ा गांव में जाति पंचायत ने दो लोगों को पेड़ काटने का विरोध करने पर समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया।
जयपुर, 31 जनवरी (आईएएनएस)। राजस्थान के उदयपुर जिले के बीचावाड़ा गांव में जाति पंचायत ने दो लोगों को पेड़ काटने का विरोध करने पर समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुना दिया।
पंचायत ने ओनद सिंह नाम के एक आदमी पर पेड़ काटने का विरोध करने पर 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जब ओनद के रिश्तेदार नारायण सिंह ने इसका विरोध किया तो पंचायत ने उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना ठोंक दिया।
जब इन दोनों ने जुर्माना देने से मना कर दिया, तो पंचायत ने गांव वालों से इन दोनों का सामाजिक बहिष्कार करने का फरमान जारी कर दिया।
ओनद सिंह ने आईएएनएस से कहा, “मैंने 10 जनवरी को बीचावाड़ा के सरकारी स्कूल में कुछ लोगों को पेड़ काटते देखा। मैंने इसका विरोध किया। 17 जनवरी को जाति पंचायत ने अप्रत्याशित रूप में मुझे बुलावा भेजा और यह मुद्दा उठाने के लिए मुझे 45 हजार का जुर्माना भरने को कहा।”
ओनद ने कहा, “मेरे रिश्तेदार ने विरोध किया तो उसके ऊपर भी 21 हजार का जुर्माना लगा दिया गया। जब हमने जुर्माना देने से मना किया तो पंचायत ने गांव वालों से हम दोनों का सामाजिक बहिष्कार करने को कहा।”
ओनद सिंह ने कहा, “पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है।”
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