मामले के अनुसार, अमृतसर से विशाखापट्टनम जाने वाली ट्रेन 18508 हीराकुंड एक्सप्रेस जब ग्वालियर और झांसी के बीच चल रही थी, तभी अचानक गाड़ी के कोच एस-7 में हंगामा होने लगा।
हंगामे की सूचना मिलते ही कोच कंडेक्टर कोच में पहुंचे और मामले की जानकारी ली, जिसमें यात्रियों ने कोच में यात्रा कर रहे एक सैन्यकर्मी पर आरोप लगाया कि सैन्यकर्मी ने शराब के नशे में हंगामा करते हुए उनके साथ अभद्रता की। विरोध करने पर वह उनके साथ गाली-गलौज करता रहा।
मामले की जानकारी कर कोच कंडेक्टर ने इसकी सूचना झांसी जीआरपी व आरपीएफ और एमसीओ को दी। सूचना मिलते ही सभी प्लेटफार्म पर पहुंचे और ट्रेन आने के बाद जब यात्रियों से लिखित शिकायत मांगी तो उन्होंने शिकायत नहीं दी। इस कारण बिना कार्रवाई के ही ट्रेन को गंतत्व के लिए रवाना कर दिया गया।
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