भोपाल, 8 फरवरी (आईएएनएस)। प्रख्यात शायर व गीतकार निदा फाजली के निधन पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित उनकी सरकार के कई मंत्रियों ने शोक जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समकालीन उर्दू कविता में निदा फाजली ने प्रयोगधर्मी कवि के रूप में ख्याति प्राप्त की। उनमें आम आदमी के दर्द को संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त करने की क्षमता थी। उर्दू कविता को समृद्ध बनाने में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
राज्य के गृह एवं जेल मंत्री बाबूलाल गौर ने अपने शोक संदेश में कहा कि मशहूर शायर और गीतकार फाजली का मध्यप्रदेश से जुड़ाव रहा है। उनके निधन से हमने एक बड़े कवि को खो दिया है।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने शायर और लेखक पद्मश्री निदा फाजली के अवसान पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि फाजली की अनेक रचनाएं संगीत के साथ मिलकर लोकप्रिय गीतों के रूप में सामने आईं। गीत-संगीत प्रेमी उन्हें सदैव याद रखेंगे।
निदा फाजली को वर्ष 1998 में ‘खोया हुआ सा कुछ’ काव्य संग्रह पर साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था। उन्हें मध्यप्रदेश शासन ने वर्ष 2004-05 में प्रतिष्ठित शिखर सम्मान से सम्मानित किया था।
राज्य के संस्कृति राज्यमंत्री सुरेंद्र पटवा ने उर्दू के मशहूर शायर एवं फिल्म गीतकार निदा फाजली के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पटवा ने अपने शोक संदेश में कहा है कि निदा फाजली उर्दू और फारसी के ज्ञाता थे। बंटवारे के समय जब इनका परिवार पाकिस्तान चला गया, तब उन्होंने हिन्दुस्तान में ही बसने का निर्णय लिया।
दिल्ली में जन्मे फाजली ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रहकर स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वे कवि सम्मेलनों और मुशायरा के मंचों की शान हुआ करते थे। फाजली का निधन साहित्य जगत के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति है।
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