पटना, 9 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार में विकास की गति तेज करने और विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के किए सात निश्चयों को कार्यरूप देने के लिए गठित ‘बिहार विकास मिशन’ की पहली बैठक मंगलवार को हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मिशन के कार्यो में पैसों की कमी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री के सात निश्चयों पर चर्चा की गई तथा चुनाव के पूर्व किए गए वादे को कैसे पूरा किया जाए, इस पर मंथन किया गया।
मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि बैठक में मिशन के उद्देश्यों तथा उसके संगठनात्मक ढांचे पर भी चर्चा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि किसी भी हाल में विकास की गति को तेज किया जाए।
नीतीश ने बैठक में अधिकारियों को सात निश्चय के कामों को अगले पांच साल में पूरा करने का निर्देश दिया। नीतीश ने यह स्पष्ट किया कि कार्य की जिम्मेवारी विभागीय सचिव के हाथों में रहेगी, जबकि मिशन में कार्य से जुड़े विशेषज्ञों को भी समय-समय पर इससे जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार इन कार्यक्रमों में पैसे का अभाव नहीं होने देगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रशांत किशोर के अलावा सभी मंत्री, सभी विभागों के प्रधान सचिव व सचिवों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि 25 जनवरी को बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘बिहार विकास मिशन’ के गठन को मंजूरी दी गई थी।
नीतीश के सात निश्चयों में करीब 2़ 70 लाख करोड़ रुपये की योजनाएं शामिल हैं। इसमें युवाओं के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता भत्ता, विश्वविद्यालय और कॉलेजों में मुफ्त में वाई-फाई की सुविधा, हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाना, हर गांव को पक्की सड़क और 2016 के बाद पांच साल में हरेक घर तक मुफ्त बिजली कनेक्शन पहुंचाने की बात है।
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