अफ्रीका और मध्य पूर्व के लिए बैंक के क्षेत्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील कौशल ने सोमवार को कहा कि युआन के उत्थान से अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों को विकसित बाजार की मुद्राओं पर अपनी निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) बास्केट में युआन को शामिल कर लिए जाने से इसके उत्थान को एक मजबूत आधार मिला है।
उन्होंने ‘अफ्रीका के लिए युआन का क्या मतलब है’ शीर्षक वाले आलेख में लिखा है, “इससे अफ्रीका और मध्य पूर्व के देशों को विकसित देशों की मुद्रा पर अपनी निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी। साथ ही वैश्विक मुद्राओं में विविधता, विकल्प और आखिरकार उभरते बाजारों का दबदबा बढ़ा है।”
उन्होंने कहा कि उभरते बाजारों में चूंकि व्यापार एक मुख्य आर्थिक इंजन है, इसलिए चीन के साथ व्यापार करने वाले आयातकों और निर्यातकों के लिए अपनी मुद्रा को डॉलर में बदलने का जोखिम और लागत कम हो जाएगा और वे अपनी मुद्रा को युआन में बदल सकेंगे।
उन्होंने कहा, “मध्य पूर्व और अफ्रीकी क्षेत्रों के लिए चीन व्यापार और निवेश का बड़ा साझेदार बनता जा रहा है। इसलिए युआन के अंतर्राष्ट्रीयकरण से इन क्षेत्रों के देशों को बड़ा फायदा होगा।”
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