गया, 10 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के बोधगया में स्थित विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर के अंदर स्थित महाबोधि वृक्ष पूरी तरह स्वस्थ है।
महाबोधि वृक्ष के संरक्षण में लगे देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक एस.के.के. हर्ष ने मंगलवार को महाबोधि वृक्ष की नियमित जांच की। उन्होंने कहा कि वृक्ष एकदम स्वस्थ है, लेकिन समय-समय पर नियमित जांच जरूरी है।
उन्होंने बताया कि यह वृक्ष से पुराने पत्ते गिरने का समय है। इस कारण बुधवार को वृक्ष पर रासायनिक दवा का छिड़काव किया गया। उन्होंने बताया कि मोटी डालियों (टहनियों) पर रासायनिक दवा का लेप लगाया जाएगा।
महाबोधि मंदिर के प्रभारी भंते चालिंदा ने बताया कि वैज्ञानिकों ने यह भी जानने का प्रयास किया कि टहनियों को सुरक्षित रखने के लिए बल्लियां लगाने की जरूरत है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि जुलाई 2012 को महाबोधि वृक्ष की एक टहनी टूटकर गिर गई थी।
ऐसी मान्यता है कि महाबोधि मंदिर के इसी महाबोधि वृक्ष के नीचे कठिन तपस्या के बाद महात्मा बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। पवित्र महाबोधि वृक्ष को देखने के लिए हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक बोधगया आते हैं।
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