हैदराबाद, 13 फरवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कैश-फॉर-वोट कांड में कथित रूप से लिप्त तेलुगू देशम पार्टी के नेता जेरुसालेम मुथैया को शनिवार को नोटिस भेजा।
एसीबी ने इस नोटिस में पूछताछ के लिए हाजिर होने के लिए कहा है। उन्हें एक हफ्ते के अंदर एबीसी कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है।
भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने मुथैया के उप्पल स्थित घर पर यह नोटिस भेजा, जिसे शुरू में उन्होंने स्वीकार करने से मना कर दिया और कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने इस संबंध में उच्च न्यायालय द्वारा याचिका स्वीकार करने की बात कही।
इस मामले में मुथैया चौथे आरोपी हैं। एसीबी ने पिछले साल यह मामला दर्ज किया था। वे अब तक फरार थे और पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में छुपे हुए थे।
उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के खिलाफ विजयवाड़ा के एक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने उस शिकायत में यह आरोप लगाया था कि राव के समर्थकों ने उस पर हमला कर जबरदस्ती आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ इस मामले में बयान लिखवाया।
मुथैया को नोटिस जारी होने से पहले ऐसी खबरें आ रही थी कि इस मामले में एसीबी टीडीपी के विधायक एम. गोपीनाथ को गिरफ्तार कर सकती है। गोपीनाथ हैदराबाद के जुबली हिल चुनाव क्षेत्र से विधायक हैं।
यह सनसनीखेज मामला पिछले साल मई में सामने आया था, जब टीडीपी के विधायक रेवांत रेड्डी को एसीबी ने 50 लाख रुपये रिश्वत देते गिरफ्तार किया था। वे यह रिश्वत नामजद सदस्य एलविस स्टेफेनसन को कथित रूप से टीडीपी उम्मीदवार नरेंद्र रेड्डी को तेलंगाना विधानपरिषद चुनाव में जितवाने के लिए दे रहे थे।
एसीबी ने यह कार्रवाई स्टेफेनसन की शिकायत के बाद की थी।
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