मायावती ने शनिवार को अपने बयान मंे कहा कि इस बजट से भी प्रदेश की गरीब आमजनता व किसानों का कुछ भी भला होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जो जनता सपा सरकार की गलत नीतियों व कार्यकलापों से पिछले चार वर्षों से काफी ज्यादा त्रस्त है, उसे इस चुनावी वर्ष में बरगलाने के लिए कई लोक-लुभावन वायदे कुछ नए रूप में फिर से किए गए हैं। लेकिन जनता ने पिछले चार वर्षो के शासन में इन घोषणाओं को जमीन पर उतारकर उसका लाभ मिलते नहीं देखा है।
मायावती ने कहा कि बजट की सारी घोषणाओं को जमीन पर अमलीजामा नहीं पहनाया गया और इस बजट की अधिकांश धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट ही चढ़ जाने वाली है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार की बिजली, सड़क, पानी व जनहित की अन्य सुविधा के संबंध में किए गए लगभग सारे वायदे कागजी ही साबित होकर रह गए हैं।
बसपा मुखिया ने कहा कि पहले बजट में अनेक प्रकार की घोषणाएं करके जनता को बरगलाने का प्रयास किया जाता है और फिर विज्ञापनों के माध्यम से सरकारी धन पानी की तरह बहाकर जनता को दिगभ्रमित करने की कोशिश की जाती है। लेकिन बसपा को पूरी उम्मीद है कि प्रदेश की आमजनता सपा के इस प्रकार के छलावें में आने वाली नहीं है।
मायावती ने यह भी कहा कि सपा सरकार में आपसी मतभेद व मनमुटाव के कारण यह तय नहीं हो पा रहा है कि इस सपा सरकार में तथाकथित ‘विकास पुरुष’ कौन है।
उन्होंने कहा कि सरकारी तौर पर दावा है कि मुख्यमंत्री ही विकास पुरुष हैं, जबकि मुख्यमंत्री के अपने ‘चाचा मंत्री’ को उनके लोग विकास पुरुष होने का दावा करते हैं और शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री ने बजट पेश कर वाह-वाही लूटने का प्रयास किया तो उनके चाचा मंत्री के 61वें जन्मदिन पर मीडिया आदि में विज्ञापनों की भरमार करके उनके पक्ष में यह दावा और भी काफी ज्यादा बढ़-चढ़ कर किया।
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