गाजियाबाद अपहरण मामले में रहस्य बरकरार

गाजियाबाद, 14 फरवरी (आईएएनएस)। ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट ‘स्नैपडील’ की एक्जेक्यूटिव दीप्ति सरना के अपहरण और उसके बाद आश्चर्यजनक तरीके से छूट जाने के पांच दिनों बाद भी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उसका अपहरण किसने और क्यों किया था।

पुलिस के मुताबिक, इसमें उसके किसी नजदीकी का हाथ हो सकता है।

पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल के मुताबिक, जांचकर्ताओं को पता चला है कि राजनगर एक्टेंशन इलाके से 23 वर्षीय दीप्ति की आंखों पर पट्टी बांधकर उसका अपहरण कर लिया गया था।

उसके अचानक लौट आने को लेकर रहस्य अब भी बरकरार है।

पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अपहर्ताओं ने किन परिस्थितियों में न केवल उसे जाने दिया, बल्कि साथ ही उसे सौ रुपये भी दिए।

अपहरण मामले में उस पर दिखाई गई यह दया पुलिस के लिए एक पहेली है।

पाटिल ने इस बारे में कहा, “हम जल्दी ही इस पहेली को सुलझा लेंगे।”

इससे पूर्व पुलिस ने संकेत दिया था कि वे इस मामले में दीप्ति के एक पूर्व और एक वर्तमान प्रेमी की भूमिका की जांच कर रहे हैं।

दीप्ति के पिता ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मेद्र यादव ने शनिवार को लगभग एक घंटे तक दीप्ति से पूछताछ की थी।

पुलिस के मुताबिक, महिला एक्जेक्यूटिव हरियाणा के पानीपत शहर में अपने अपहर्ताओं के चंगुल से छूटने में कामयाब हो गई और उसने किसी राहगीर के फोन से अपने पिता से संपर्क किया।

उसने शुक्रवार को लौटने के बाद पुलिस को बताया कि उसे उसकी पसंद का खाना दिया जाता था।

उसे 36 घंटे साथ रखने के दौरान अपहर्ता उसे पैदल, मोटरसाइकल से और कार से ले गए। इस दौरान उसे कुछ समय गन्ने के एक खेत में भी रखा गया।

उसे शुक्रवार को रेलवे प्लेटफॉर्म पर छोड़ दिया गया जहां से उसने दिल्ली जाने के लिए ट्रेन ले ली और अपने पिता से संपर्क किया।

ज्ञात हो कि दीप्ति बुधवार रात गाजियाबाद के वैशाली मेट्रो स्टेशन से रात 8.30 बजे निकली थी और तीन अन्य यात्रियों के साथ एक शेयर्ड ऑटो रिक्शा में बैठी थी, जिनमें एक महिला भी शामिल थी। उसके बाद यात्रियों के वेश में ऑटो रिक्शा में बैठे पुरुषों ने उसका अपहरण कर लिया था।

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