मुंबई, 14 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय कॉरपोरेट हस्तियों ने समूह कॉरोबारी मॉडल की रविवार को वकालत की, क्योंकि वैश्वीकरण कॉरपोरेट निर्णय प्रक्रिया में तेजी की मांग करता है।
आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला ने यहां चल रह मेक इन इंडिया सप्ताह के हिस्से के रूप में आयोजित सीएनएन एशिया बिजनेस फोरम में कहा, “हमने स्वतंत्र बोर्डो द्वारा संचालित कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया है।”
बिड़ला ने कहा, “और उसके बाद हमने एक कार्यकारी कॉरपोरेट केंद्र बनाया, जो उनका मार्गदर्शन करता है।” बिड़ला समूह अल्युमिनियम, सीमेंट, दूरसंचार, कपड़ा, खुदरा और वित्तीय सेवाओं में मौजूद है।
उन्होंने कहा, “सरकार अपनी मेक इन इंडिया पहल के जरिए एक उत्प्रेरक बनना चाहती है। आज निजी क्षेत्र के लिए कई नए अवसर पैदा हुए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा ने बहु-कारोबारी मॉडल के पक्ष में अमेरिकी कंपनी गूगल का उदाहरण पेश किया।
उन्होंने कहा, “गूगल एक समूह है, जिसके स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार हैं।”
अमेरिका स्थित एमर्सन इलेक्ट्रिक कंपनी के अध्यक्ष एडवर्ड एल. मोनसर ने हालांकि फोकस्ड बिजनेस का समर्थन किया।
उन्होंने कहा, “वैश्वीकरण ने निर्णय प्रक्रिया को बहुस्तरीय बना दिया है और गति एक बड़ा मुद्दा बन गया है।”
अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी, जनरल इलेक्ट्रिक के दक्षिण एशिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बनमाली अग्रवाला ने भी संबंधित कारोबार में ही होने की जरूरत पर जोर दिया।
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