नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पेशी से पहले बुधवार को वकीलों के एक गुट ने एक बार फिर पटियाला हाउस कोर्ट में पत्रकारों पर हमला किया।
सोमवार को भी वकीलों के इसी गुट ने आईएएनएस के पत्रकार समेत कई पत्रकारों पर हमला किया था।
जिन पत्रकारों पर बुधवार को हमला हुआ है, उनमें फर्स्टपोस्ट फोटोग्राफर और नेटवर्क18 के पत्रकार भी शामिल हैं।
इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट में वकीलों के दो गुटों में भिड़ंत हो गई। एक कन्हैया कुमार का विरोधी था, जबकि दूसरा कन्हैया कुमार के वैधानिक अधिकारों का हिमायती।
दो दिन पहले इसी अदालत में वकीलों के एक गुट ने पत्रकारों को पीटा था। बुधवार को वकीलों के इसी गुट ने जेएनयू के छात्रों पर एक हफ्ते पहले विश्वविद्यालय परिसर में देश विरोधी नारे लगाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जमकर नारे लगाए।
इनके हाथों में तिरंगा था और ये भारत माता की जय और जेएनयू मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। इन्होंने जेएनयू को ‘राष्ट्रविरोधी’ बताते हुए इसे बंद करने की मांग की।
पत्रकारों ने कहा कि अदालत में मौजूद पुलिसवालों ने उनकी कोई मदद नहीं की।
दूसरी तरफ वकीलों के एक समूह ने कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उन्हें रिहा करने की मांग की।
कन्हैया कुमार को नौ फरवरी को जेएनयू परिसर में संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर हुए कार्यक्रम में देश विरोधी नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया गया है। कुमार ने इस आरोप से इनकार किया है।
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