जिम्बाब्वे के उद्यान एवं वन्यजीव प्रबंधन प्राधिकरण के महानिदेशक एडसन चिदजिया ने सोमवार को कहा कि हाथियों को साइनाइड देकर मारने की घटना चुनौती बनकर उभरी है, जिससे वे जूझ रहे हैं।
चिदजिया ने एक पार्लियामेंटरी पोर्टफोलियो कमेटी से कहा, “अब तक हम सशस्त्र शिकारियों का सामना कर रहे थे, जिन्हें पहचानना आसान था। लेकिन, अब उनके द्वारा जहर का इस्तेमाल एक नई घटना है, जिससे हम निपटने का प्रयास कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे ने साइनाइड के पहले कहर को साल 2013 में ह्वांगे नेशनल पार्क में देखा था, जिसमें 100 से अधिक हाथियों की मौत हुई थी।
उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े पशु अभ्यारण्य ह्वांगे नेशनल पार्क में बीते साल लगभग 100 हाथी मारे गए, जिनमें 32 को साइनाइड दिया गया।
चिदजिया ने कहा कि यह चिंता वाली बात है कि अवैध शिकार की घटना में स्थानीय लोगों की संलिप्तता बढ़ रही है।
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