नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। राज्यसभा में बुधवार को हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला।
सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न् 11 बजे जैसे ही शुरू हुई, बसपा नेता मायावती ने यह मुद्दा उठाया। बसपा नेता ने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब किसी दलित छात्र ने आत्महत्या की है।”
संविधान निर्माता और दलित नेता बी.आर. अंबेडकर का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा, “रोहित वेमुला अंबेडकर का समर्थक था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को यह पसंद नहीं आया, उसका शोषण किया गया।”
सदन में इस दौरान बसपा के सदस्य सरकार के खिलाफ दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करते रहे। भोजनावकाश के पहले राज्यसभा की कार्यवाही पांच बार स्थगित की गई। बाद में सभापति हामिद अंसारी ने सदन की कार्यवाही अपराह्न् दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
भोजनावकाश के बाद जब सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तब मायवती और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री समृति ईरानी के बीच नोक-झोंक हो गई। मायावती चाहती थीं कि सरकार खुलासा करे कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में वेमुला की आत्महत्या की परिस्थियों की जांच करने के लिए जो न्यायिक समिति बनाई गई है, क्या उसमें कोई दलित सदस्य होगा?
ईरानी ने कहा, “वहां एक दलित प्रोफेसर ही था, जिसके फैसले को आपने नहीं स्वीकार किया.. मायावतीजी आप कहना चाहती हैं कि केवल वही दलित दलित है, जिसे मायवतीजी प्रमाण-पत्र देंगी?” विरोध कर रहे सदस्यों ने इस पर बहुत हंगामा किया।
इसके बाद ईरानी और मायावती के बीच जमकर कहासुनी हुई। बासपा सदस्यों ने एक बार फिर वेमुला के परिवार के लिए न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी की।
सभापति के आसन के समक्ष बसपा सदस्य ‘रोहित के परिवार को न्याय दो-न्याय दो’ और ‘दलित विरोधी सरकार नहीं चलेगी- नहीं चलेगी’ के नारे लगाते रहे।
शोरगुल के बीच सदन की कार्यवाही फिर 15 मिनट के लिए स्थगित की गई।
जब कार्यवाही फिर शुरू हुई तो मायावती ने कहा कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और वेमुला के मुद्दे को मिलाया नहीं जाना चाहिए। “दोनों महत्वपूर्ण मुद्दे हैं और बेहतर यह होगा कि अलग-अलग चर्चा हो। जब हमें लगा कि दोनों मुद्दे एक साथ लिए जा रहे हैं तो हमने महसूस किया कि वेमुला का मुद्दा दब जाएगा। इसलिए हमने यह मुद्दा उठाया। कोई बड़ी मांग नहीं है। हम सिर्फ यही जानना चाहते हैं कि क्या न्यायिक कमेटी में कोई दलित सदस्य है? इसका जवाब ‘हां’ या ‘ना’ में होना चाहिए।”
ईरानी ने कहा, “मैं किसी भी सवाल का जवाब देने को तैयार हूं।”
जब ऐसा लगा कि सरकार न्यायिक कमेटी में दलित सदस्य रखने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है तो मायावती ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां होते तो वह हमारी मांग पर तैयार हो गए होते।”
नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद और जनता दल (यू) के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि गुरुवार को भी इस पर बहस हो सकती है।
कोई सहमति नहीं बनी और विरोध जारी रहा। इसके बाद सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित हुई और उसके बाद फिर 15 मिनट के लिए।
सदन की बैठक जब फिर शुरू हुई तो तय हुआ कि इस मुद्दे पर गुरुवार को भी बहस होगी।
उपसभापति पी.जे. कुरियन ने कहा, बहनजी(मायावती) द्वारा उठाए गए मुद्दे पर कल सरकार जवाब देगी।
केंद्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि बहस के अंत में जवाब दिया जाएगा।
कुरियन ने सदन की कार्यवाही स्थगित करने से पहले कहा, “दूसरा सदन (लोकसभा) बहुत अच्छी तरह से काम कर रहा है। मैं धन्यवाद देता हूं कि अच्छी सहमति बनी है। मैं उम्मीद करता हूं कि कल सदन की कार्यवाही अच्छे ढंग से चलेगी।”
रोहित वेमुला की मौत का विपक्ष ने काफी विरोध किया था और दो मंत्रियों स्मृति ईरानी और बंगारू दत्तात्रेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। विपक्ष ने दोनों पर वेमुला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था।
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