मुंबई, 25 फरवरी (आईएएनएस)। बॉलीवुड के ‘मुन्ना भाई’ संजय दत्त ने गुरुवार को पुणे के यरवदा केंद्रीय कारागार (वाईसीजे) से रिहा होने के बाद कहा कि ‘आजाद होने का अहसास सबसे अद्भुत है, लेकिन अभी इस पर यकीन नहीं कर पा रहा हूं।’
जेल से रहा हुए संजय (56) का स्वागत करने के लिए उनके परिजन व दोस्त पहुंचे थे।
संजय ने मुंबई स्थित अपने घर के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “मैं 23 सालों से आजादी का स्वाद चखना चाह रहा था और आखिरकार वह दिन आ गया है। मैं एक आजाद आदमी की तरह जेल से बाहर निकला लेकिन मैं अभी इस पर यकीन नहीं कर पा रहा हूं। मुझे मालूम है कि धीरे-धीरे यकीन हो जाएगा। मुझे अब भी ऐसा लग रहा है, जैसे मैं फरलो या पेरोल पर बाहर आया हूं।”
संजय ने कहा, “लेकिन आजाद होना एक कमाल का अहसास है।”
संजय को घर पहुंचने के बाद सबसे पहले एक कप चाय दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने दिवंगत पिता सुनील दत्त की कमी खल रही है।
उन्होंने कहा, “आज अगर मेरे पिता जिंदा होते तो वह सबसे ज्यादा खुश होते। उनकी लड़ाई सिर्फ अपने बेटे को आजाद देखने की थी और आज मैं कह सकता हूं कि ‘बाबा मैं अब आजाद हूं।”
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