नई दिल्ली, 29 फरवरी (आईएएनएस)। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2016-17 का आम बजट पेश करने के दौरान गरीब परिवारों की महिलाओं को रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन देने के लिए 2000 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। इस योजना से चालू वर्ष के दौरान गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 1.5 करोड़ परिवारों को लाभ होगा। साथ ही वित्त मंत्री ने स्वेच्छा से एलपीजी गैस की सब्सिडी छोड़ने वाले परिवारों की प्रंशसा करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए कई नए उपाय शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा, “अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति केन्द्र स्थापित किया जाएगा। इस योजना से कम से कम 2.5 लाख उद्यमियों को लाभ मिलेगा।”
जेटली ने कहा कि उद्योग संघों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की भागीदारी में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति केन्द्र की स्थापना करने का भी प्रस्ताव है। यह केन्द्र अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों को केन्द्र सरकार की खरीदारी नीति 2012 के अधीन अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए वैश्विक सर्वश्रेष्ठ कार्य विधि अपनाने और स्टैंड अप इंडिया पहल का लाभ उठाने के लिए पेशेवर मदद उपलब्ध कराएगा।
वित्त मंत्री ने अनुसूचित जाति/जनजाति तथा महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्टैंड अप इंडिया योजना को मंजूरी देने की भी घोषणा की और बताया कि इसके लिए 500 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इस योजना से प्रत्येक श्रेणी के कम से कम एक उद्यमी के लिए प्रति बैंक शाखा कम से कम ऐसी दो परियोजनाओं को मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण और कौशल विकास के लिए बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम तथा उस्ताद योजना को प्रभावशाली रूप से लागू किया जाएगा।
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