भोपाल, 2 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति के 137 भूखंडों पर प्रभावशाली लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। समिति के सदस्य अपना हक पाने के लिए भटक रहे हैं। यह मामला बुधवार को विधानसभा में उठा।
राज्य के सहकारिता मंत्री गोपाल भार्गव ने भरोसा दिलाया कि आगामी तीन माह में दोषियों पर कार्रवाई कर वास्तविक सदस्यों को उनका हक दिलाया जाएगा।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक आरिफ अकील ने रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला 2003 का है और समिति के 137 सदस्य भूखंड पाने के लिए भटक रहे हैं। सहकारिता मंत्री ने भी माना कि 137 भूखंडों पर अवैध कब्जा है और कहा कि इस कब्जे को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भार्गव ने कहा कि भूखंड आवंटन में गड़बड़ी की बात सही है। संचालक मंडल के पदाधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया गया है और जुर्माना लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि संचालक मंडल की जगह प्रशासक की नियुक्ति की गई है। हटाया गया संचालक मंडल दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहा है। उन्होंने बताया कि रोहित समिति के दस्तावेज केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जब्त किए हैं। उनका विभाग सीबीआई से वे दस्तावेज हासिल करने के लिए प्रयासरत है।
आरिफ अकील ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने अवैध रूप से भूखंडों पर कब्जा किया है, वे सरकार से जुड़े हैं, लिहाजा उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। भार्गव ने कहा है कि उनका विभाग आगामी तीन माह में प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
रोहित गृह निर्माण सहकारी समिति के 1,500 सदस्य हैं। इनमें से 137 सदस्यों के भूखंडों पर प्रभावशाली लोगों ने अवैध तरीके से कब्जा कर रखा है। यह शहर की प्रमुख आवासीय कॉलोनियों में से एक है और यहां की जमीन की कीमत करोड़ों में है। यही कारण है कि कई लोगों ने समिति और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके भूखंड की रजिस्ट्री करा ली है।
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