नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में बुधवार को आतंकवादियों ने भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर दिया। अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के प्रयास में लगे भारत के हितों को निशाना बनाकर आतंकवादियों द्वारा इससे पहले भी हमले किए जा चुके हैं।
अफगानिस्तान में भारत को निशाना बनाकर किए गए हमले इस प्रकार हैं :
3 जनवरी, 2016 – चार आतंकवादियों के एक समूह ने मजार-ए-शरीफ में भारतीय दूतावास पर हमला कर दिया, जिसमें एक अफगानी नागरिक की मौत हो गई। नजदीक की एक इमारत से गोलीबारी करने वाले आतंकवादियों ने कुछ दीवारों पर खून से बनाए गए भित्ति चित्रों द्वारा दर्शाया कि उनका इरादा अफजल गुरु की फांसी का बदला लेना है।
23 मई, 2014- हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर भारी हथियारों से लैस चार आतंकवादियों ने हमला कर दिया था, जिसकी निगरानी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा अफगान सुरक्षाबल करता है। इस हमले में दूतावास का कोई कर्मी हताहत नहीं हुआ, लेकिन सुरक्षाबलों से हुई मुठभेड़ में हमलावर मारे गए।
3 अगस्त, 2013- जलालाबाद में भारतीय वाणिज्य दूतावास में विस्फोटकों से लदे एक वाहन में सवार तीन फिदायीन हमलावरों ने हमला किया, जिसमें छह बच्चों सहित नौ नागरिकों की मौत हो गई। इस हमले में कोई भारतीय अधिकारी हताहत नहीं हुआ।
26 फरवरी, 2010- काबुल के पड़ोस में स्थित आर्य गेस्ट हाउस व पार्क रेसिडेंस होटल में आतंकवादियों द्वारा बम हमला व गोलीबारी में सेना, आईटीबीपी के जवान व चिकित्सकों सहित नौ भारतीयों की मौत हो गई। काबुल में चिकित्सकों के बीच यह गेस्ट हाउस बेहद लोकप्रिय है।
8 अक्टूबर, 2009- काबुल में भारतीय दूतावास के निकट एक फिदायीन हमलवार ने विस्फोटकों से भरे एक वाहन में विस्फोट कर दिया, जिसमें 17 अफगानी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली थी।
सात जुलाई, 2008- काबुल में भारतीय दूतावास के बाहर आत्मघाती कार बम विस्फोट में कम से कम 58 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 140 लोग घायल हो गए। हमले की साजिश कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने बनाई थी, जिसे हक्कानी नेटवर्क ने अंजाम दिया था। पाकिस्तान ने हालांकि हमले में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इंकार किया था। इस घटना के एक दिन बाद जरांज में 12 भारतीय मजदूरों को ले जानेवाले एक बस में एक बम पाया गया था।
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