नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद में सभी राजनीतिक पार्टियों के सांसदों से आग्रह किया कि मिलजुल कर ऐसा काम करें, जिससे लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़े।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उठाए गए सवालों के जवाब में मोदी ने कहा कि लोगों के कल्याण के लिए योजनाओं की कोई कमी नहीं है, कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर भारी खर्च हो रहा है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को अखबारों की हेडलाइन बनाने के मौके के लिए नहीं, बल्कि प्रशासन पर भरोसा बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।
मोदी ने कहा, “प्रशासन की जवाबदेही कैसे बढ़ाएं, यह एक चुनौती है। हमें साथ मिलकर काम करना होगा।”
मोदी ने कहा कि जब वह बच्चा थे, तब देखते थे कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी काफी मन लगाकर काम करते थे और उन्हें भय रहता था कि कुछ गलत हुआ तो जवाब देना होगा। संसद में भी लगभग वही स्थिति थी। लेकिन लगता है, अब वह बात नहीं रही।
मोदी ने कहा कि यहां तक कि अगर किसी छोटी पार्टी का कोई सांसद प्रशासनिक तंत्र से कोई सवाल करता है, तो उसका जवाब उसी तरह दिया जाना चाहिए, जैसा प्रधानमंत्री के सवाल का दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियां अपने को श्रेष्ठ बनाने के खेल में लगी हैं और सरकारी प्रशासनिक तंत्र इसका लाभ उठाता है।
मोदी ने कहा, “विपक्ष की बातों का भी वजन होना चाहिए। सरकारी प्रशासनिक तंत्र की विश्वसनीयता खत्म होती जा रही है।”
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