नई दिल्ली, 3 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अधिनियम (मनरेगा) को ‘राज्यों में सही ढंग से लागू न करने पर’ गुरुवार को कांग्रेस की आलोचना की।
मोदी ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 2012 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार इस योजना को सबसे गरीब राज्यों में प्रभावशाली ढंग से लागू करने में नाकाम रही।
मोदी लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे थे।
मोदी ने कहा, “खड़गेजी (कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे) ने कहा था कि मनरेगा में भ्रष्टाचार बहुत है। मैं उनसे एक हजार फीसदी सहमत हूं।”
उन्होंने कहा कि 2012 की कैग की रिपोर्ट के अनुसार योजना उन राज्यों में अधिक बेहतर तरीके से लागू की गई जहां गरीबों की संख्या कम थी।
मोदी ने कहा, “जिन राज्यों को इस योजना की सबसे ज्यादा जरूरत थी, वहां इस योजना को सबसे कम लागू किया गया। इसका अर्थ है कि हम इस योजना का प्रयोग गरीबी मिटाने के लिए सही ढंग से नहीं कर पाए।”
उन्होंने कहा कि कैग रिपोर्ट बताती है कि योजना लागू होने के सात वर्षो के बाद भी पांच राज्य ऐसे हैं, जहां इस योजना के नियमों का मसौदा तक तैयार नहीं किया गया।
मोदी ने कहा, “सबसे दुखद यह है कि इन पांच राज्यों में से चार ऐसे हैं जो इस योजना का गुणगान करते हैं।”
मोदी ने कहा, “हम इस रिपोर्ट से सीख ले रहे हैं और कमियों को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि जरूरतमंदों को इस योजना से लाभ मिले। “
मोदी ने कहा, “कोई भी इस बात से इंकार नहीं कर सकता कि अगर कांग्रेस ने पिछले 60 सालों में गरीबों के लिए काम किया होता तो गरीब आज भी तकलीफें नहीं झेल रहे होते।”
कांग्रेस पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा, “कांग्रेस नेता सोच रहे होंगे : मोदीजी चुनाव के समय भाषण देना अलग बात है। आप गरीबी हटाना चाहते हैं, लेकिन आप नहीं जानते कि हम कौन हैं? हमने गरीबी की जड़ें इतनी गहराई तक बो दी हैं कि आप भले ही उखड़ जाएं, लेकिन आप देश से गरीबी को नहीं उखाड़ पाएंगे।”
उन्होंने कहा, “सचमुच हमारे देश में गरीबी इतनी गहरी जड़ें जमा चुकी है कि मेरे लिए भी इसे हटाना अत्यंत कठिन कार्य है। अगर गरीबी नहीं होती तो हमें मनरेगा योजना की जरूरत नहीं होती।”
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