मुंबई, 4 मार्च (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में सात महीने में एक करोड़ एलईडी बल्ब के वितरण से राज्य के लोगों का करीब 1.4 करोड़ रुपये बचा है। यह जानकारी शुक्रवार को एक अधिकारी ने दी।
डोमेस्टिक इफीशिएंट लाइटिंग प्रोग्राम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनर्जी इफीशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड ने इन बल्बों का वितरण किया है। इस कारण रोजाना 35 लाख किलोवाट बिजली की बचत हो रही है, व्यस्त समय का लोड 298 मेगावाट घटा है, उपभोक्ताओं का खर्च घटा है और कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 2,900 टन घटा है।
ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने यहां कहा, “महाराष्ट्र के लोगों ने ऊर्जा की बचत का महत्व समझ लिया है और इसे अपनी जीवनशैली में शामिल कर रहे हैं। एक करोड़ का आंकड़ा पार करना इसी का एक उदाहरण है।”
डीईएलपी के तहत प्रत्येक एलईडी बल्ब करीब 75 फीसदी की छूट पर दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं का सालाना 160-400 रुपये तक बच रहा है।
कुमार ने कहा कि प्रत्येक बल्ब 25 हजार घंटे तक चलता है और इसकी कीमत एक साल में ही निकल जाती है।
अब सात वाट वाले एलईडी बल्ब की कीमत घटाने की कोशिश की जा रही है, जो अभी 25-300 रुपये की कीमत पर बिक रहा है।
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