चंडीगढ़, 5 मार्च (आईएएनएस)। जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को पीछे छोड़ते हुए हरियाणा सरकार राज्य में निवेशकों को लुभाने के लिए ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स’ सम्मेलन की तैयारियों में जुट गई है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के एक जानकार सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर समेत सभी 7-8 मार्च को होनेवाले सम्मेलन की तैयारियों में जुटे हैं।
हरियाणा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में भीड़ ने दुकानों, कार्यालयों और अन्य संस्थानों को निशाना बनाया और पुलिस-प्रशासन इसे रोकने में नाकाम रही। इससे हरियाणा की निवेश को लेकर छवि खराब हुई है। अब हर कोई इस सम्मेलन को लेकर सोच में डूबा है कि इससे कितना निवेश हासिल हो पाएगा। हिंसा के कारण कई निवेशक निश्चित रूप से बिदक गए होंगे।”
वित्त और उद्योग मंत्री अभिमन्यु ने कहा कि प्रदेश में 9 दिनों तक चली अफरातफरी और हिंसा के बावजूद जापान ने इस सम्मेलन का सहयोगी देश बनने का प्रस्ताव दिया है। इस बारे में मुख्यमंत्री को टेलीफोन पर अवगत करा दिया गया है।
मंत्री ने कहा, “जब राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी, लोगों ने अराजक तत्वों से उद्योगों की रक्षा की। इसलिए राज्य के लोग यहां उद्योगों की सुरक्षा चाहते हैं।”
हरियाणा में कई सारी जापानी और कोरियाई कंपनियों ने निवेश किया है, खासतौर से गुड़गांव-मानेसर बेल्ट में इनकी काफी मौजूदगी है। इनमें मारुति-सुजुकी, होंडा, कैनन, याकुल्ट, डेंसो, मित्सुबिसी, टोयो, डाइकिन, योकोहोमा, शोवा, निप्पन, कन्साई पेंट्स आदि प्रमुख हैं।
इस सम्मेलन में चीन, क्रेज रिपब्लिक, जापान, मलावी, मॉरिशस, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, पेरू, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और ट्यूनीशिया सहयोगी देशों के रूप में भाग ले रहे हैं।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली इस दो दिवसीय सम्मेलन का 7 मार्च को उद्घाटन करेंगे। इसमें कई केंद्रीय मंत्रियों के भाग लेने की संभावना है।
dharmpath.com dharmpath