नई दिल्ली, 6 मार्च (आईएएनएस)। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने रविवार को कहा कि वह आम बजट 2016-17 में कर्मचारी भविष्य निधि कोष (ईपीएफ) में किए जाने वाले योगदान पर कर लगाने के प्रस्ताव से निराश है, लेकिन केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा इस पर पुनर्विचार किए जाने संबंधी खबरों से उत्साहित है।
फिक्की ने यहां अपने बयान में कहा, “ये प्रावधान वेतनभोगी वर्ग पर विपरीत प्रभाव डालेंगे।”
बयान के मुताबिक, “फिक्की हालांकि ऐसी खबरों से उत्साहित है कि वित्तमंत्री इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करेंगे और सही समय पर संसद में अपने फैसले की जानकारी देंगे।”
वित्तमंत्री ने 29 फरवरी को पेश आम बजट में कहा था कि एक अप्रैल के बाद ईपीएफ में किए जाने वाले कुल योगदान की निकासी के 60 फीसदी हिस्से पर कर लगेगा। इसका मकसद देश को अधिक बीमित और पेंशन प्राप्त करने वाला समाज बनाना है।
फिक्की के अध्यक्ष हर्षवर्धन नेवतिया ने बयान में कहा, “फिक्की बजट प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने के सरकार के फैसले का स्वागत करता है।”
जानकारी सूत्रों ने यहां बताया कि सरकार लोगों को राहत देने पर विचार कर रही है, लेकिन प्रावधान पूरी तरह से वापस नहीं लिया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय और श्रम मंत्रालय के अधिकारियों की गुरुवार को एक बैठक हुई है, जिसमें इस मुद्दे पर विचार किया गया है।
जेटली ने बुधवार को कहा था कि वह संसद में बजट प्रस्ताव पर होने वाली बहस का जवाब देने के दौरान इस मुद्दे पर अपने फैसले की जानकारी देंगे।
dharmpath.com dharmpath