इंदौर, 7 मार्च (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक बार फिर दूसरों को जीवनदान देने की मिसाल देखने को मिली, जब सड़क हादसे में घायल होने के बाद ‘ब्रेनडेड’ घोषित किए गए पप्पू डाबर के परिजनों ने उसके अंग दान करने का फैसला लिया। उसकी आंखें, दिल, लिवर और गुर्दे दूसरों को नई जिंदगी देंगे।
अरविंदो अस्पताल में भर्ती पप्पू के अंगों को दिल्ली और ग्रेटर कैलाश अस्पताल तक ले जाने के लिए सोमवार को दो ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। एक कॉरिडोर हवाईअड्डे तक और दूसरा इंदौर के ही अस्पताल तक के लिए था।
अरविंदो अस्पताल से जानकारी मिली कि धार की मनावर तहसील के जाजमखेड़ी निवासी पप्पू डाबर (20) सड़क हादसे में गंभीर रुप से घायल हो गया था, उसकी रविवार की रात को ब्रेनडेथ हो गई थी। इसके बाद पप्पू के परिजनों ने मुस्कान संस्था और चिकित्सकों के परामर्श पर अंगदान का फैसला लिया।
पप्पू के परिजनों के स्वीकृति के बाद पप्पू का हृदय एम्स और लिवर को आईएसबीएस दिल्ली भेजा गया। इसके लिए सोमवार की सुबह लगभग साढ़े सात बजे अरविंदो अस्पताल से हवाईअड्डे तक के लिए पहला ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
इन दोनों अंगों को नियमित उड़ान से दिल्ली भेजा गया। उसके बाद पप्पू का एक गुर्दा अरविंदो अस्पताल में ही एक महिला मरीज को प्रत्यरोपित किया गया, वही दूसरे गुर्दे को शहर के ही ग्रेटर कैलाश अस्पताल भेजने के लिए दूसरा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पप्पू की त्वचा और आंखें भी दान की गई है।
पिछले कुछ अरसे की कोशिशों का नतीजा है कि अंगदान के मामले में इंदौर पूरे देश में एक मिसाल बन गया है, शहर में बीते छह माह में अंगों को विमान के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया गया। सोमवार को यह सातवां मौका था जब ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
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