सोनिया ने लोकसभा को महिला आरक्षण विधेयक की याद दिलाई (लीड-2)

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विधायिका में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने वाले बहुप्रतीक्षित विधेयक को जल्द पारित करने की मांग की है।

महिला दिवस पर मंगलवार को सोनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘अधिकतम सुशासन’ का अर्थ ‘महिलाओं को उनका अधिकार’ देना है।

सोनिया ने कहा, “निश्चित तौर पर अधिकतम सुशासन का अर्थ हम महिलाओं को हमारा बहुप्रतिक्षित बकाया हक महिला आरक्षण विधेयक प्रदान करना है।”

उन्होंने कहा कि इसलिए सरकार महिला आरक्षण विधेयक पर ध्यान दे और संसद इसे जल्द से जल्द पारित करे।

उनकी मांग के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार विवादास्पद महिला आरक्षण विधेयक पर सर्वसम्मति पर पहुंचने का प्रयास कर रही है।

विवादास्पद महिला आरक्षण विधेयक सबसे पहले 12 सितंबर, 1996 को देवेगौड़ा सरकार ने पेश किया था। तभी से यह संसद में लटका हुआ है।

कांग्रेस नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के दौरान 2010 में यह विधेयक राज्यसभा में पारित हो गया था। लेकिन, यह लोकसभा में आज तक पारित नहीं हो सका और इस पर कानून नहीं बन पाया।

सोनिया ने नरेंद्र मोदी सरकार पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि अधिकतम सुशासन का अर्थ एक स्वस्थ चर्चा के लिए अन्य लोगों के विचारों को सुनना भी है।

उन्होंने कहा, “अधिकतम सुशासन का अर्थ आर्थिक वृद्धि को गति देने से कहीं अधिक आगे की बात है। इसका अर्थ प्रतिशोध की भावना के बिना चर्चा होने देना और विभिन्न विचारों को सुनना है।”

उन्होंने कहा, “अधिकतम सुशासन का अर्थ आजादी की रक्षा और देश के सामाजिक ढांचे की रक्षा करना है।”

सोनिया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर लोकसभा में भाषण दे रही थीं। सरकार ने महिला दिवस के अवसर पर मंगलवार को संसद में केवल महिला सांसदों को ही बोलने देने का संकल्प लिया है।

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