नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। ऑर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के होने वाले विश्व संस्कृति आयोजन में सेना आम लोगों की सुरक्षा की वजह से मदद कर रही है। इस कार्यक्रम में लगभग 30 लाख लोगों के जमा होने की संभावना है। इसे लेकर दिल्ली पुलिस ने भगदड़ की आशंका जाहिर की थी। इसलिए भारतीय सेना यहां पीपे के पुल बना रही है।
ये बातें रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के करीबी एक सूत्र ने आईएएनएस से कहीं।
इस सूत्र ने कहा कि इस पुल के लिए आर्ट ऑफ लिविंग से कोई कीमत वसूल नहीं की जाएगी, क्योंकि ऐसी कोई नीति नहीं है।
रक्षा मंत्री ने हालांकि रक्षा सचिव को निर्देश दिया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में सेना की भागीदारी को लेकर एक नीति बनाई जाए।
सूत्र के मुताबिक सेना से ऑर्ट ऑफ लिविंग ने संपर्क किया था, ताकि यमुना नदी के उस कछार क्षेत्र में छह पुल बनाया जा सके जहां इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
सेना ने शुरू में इससे इनकार कर दिया था। लेकिन, जब दिल्ली पुलिस ने यहां भगदड़ की आशंका जताई तो रक्षा मंत्रालय इस प्रक्रिया में सेना को शामिल करने पर सहमत हुआ।
सेना ने पहले एक ही पुल बनाने पर रजामंदी दी थी। लेकिन, संभावित भीड़ को देखते हुए एक और पुल बनाने का फैसला किया गया।
सूत्र ने बताया, “यह पुल मध्य प्रदेश के कुंभ मेला में बनाया जाना था जिसे यहां लाया गया है। बाद में इसे वापस उज्जैन ले जाया जाएगा। इस साल सेना उज्जैन के कुंभ मेले में भी पुल बनाएगी।”
ऑर्ट ऑफ लिविंग जैसी निजी संस्था के कार्यक्रम में सेना को शामिल करने की विभिन्न हलकों से तीव्र आलोचना हो रही है।
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