नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। आर्ट ऑफ लीविंग (एओएल) ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से विश्व सांस्कृतिक महोत्सव-2016 की रूपरेखा पेश कर दी। एओएल अपने 35 वर्ष पूरे होने के मौके पर तीन दिवसीय विश्व सांस्कृतिक महोत्सव 2016 आयोजन करने जा रहा है। यह सांस्कृतिक महोत्सव 11 फरवरी से 13 फरवरी तक चलेगा।
नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। आर्ट ऑफ लीविंग (एओएल) ने गुरुवार को आधिकारिक रूप से विश्व सांस्कृतिक महोत्सव-2016 की रूपरेखा पेश कर दी। एओएल अपने 35 वर्ष पूरे होने के मौके पर तीन दिवसीय विश्व सांस्कृतिक महोत्सव 2016 आयोजन करने जा रहा है। यह सांस्कृतिक महोत्सव 11 फरवरी से 13 फरवरी तक चलेगा।
एओएल ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के संदेश के साथ मानवता, आध्यात्मिकता और मानव मूल्यों का जश्न मनाएगा। इस महोत्सव के जरिए दुनियाभर के लगभग 35 लाख लोग एक ही मंच पर होंगे।
इस कार्यक्रम के लिए 1,000 एकड़ क्षेत्र में तैयारियां की गई हैं, जबकि सात एकड़ से बड़े क्षेत्र में तो मंच ही तैयार किया गया है।
इस सांस्कृतिक महोत्सव में 37,000 कलाकार प्रस्तुति देंगे, जिसमें 8,000 संगीतकार 40 वाद्ययंत्रों के साथ प्रस्तुतियां देंगे। दक्षिण अफ्रीका से 650 ड्रमर और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, सिक्किम और अन्य भारतीय राज्यों से कई जनजातीय कलाकार प्रस्तुति देंगे।
आर्ट ऑफ लीविंग के प्रवक्ता संजय मिश्रा ने आईएएनएस से कहा, “इस महोत्सव के जरिए पहली बार विश्वभर के विभिन्न क्षेत्रों और वर्गो के लोग हिस्सा लेंगे। यहां ध्यान के अलावा योगा, नृत्य, गान, वाद्य कई तरह के कार्यक्रम होंगे।”
संजय ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) द्वारा पांच करोड़ का जुर्माना लगाए जाने के सवाल पर आईएएनएस को बताया, “यह मुद्दा अभी अदालत में विचाराधीन है तो इस पर अधिक नहीं कहूंगा। हमारे कानूनी सलाहकार काम कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि 12 तारीख को ग्लोबल लीडरशिप फोरम में विश्वभर से हर क्षेत्र से जुड़े लोग ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
आर्ट ऑफ लीविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर के मुताबिक, “हमें इस समारोह के साथ विभिन्न देशों, धर्मो और पृष्ठभूमि के लोगों के बीच अच्छी समझ बढ़ने की उम्मीद है। नृत्य, संगीत और कला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के जरिए यह महोत्सव धार्मिक गुरुओं, राजनीतिज्ञों, शांतिदूतों और कलाकारों के लिए वैश्विक शांति और समृद्धि का संदेश फैलाने का सटीक मंच बनेगा।”
अमेरिका, मंगोलिया, यूरोप, रूस, जापान, मलेशिया, आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान आदि देशों से 20,000 से अधिक अतिथि इसमें शिरकत करने जा रहे हैं।
पहली बार विश्व के 35 लाख लोग विश्व शांति के लिए एक ही स्थान पर ध्यान करेंगे।
विश्व के सबसे बड़े अस्थायी मंच के लिए ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में भी इसका नाम दर्ज कराने का प्रयास किया जाएगा।
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