मेलबर्न, 10 मार्च (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने देश के सबसे प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों में से एक विक्टोरिया समुद्र तट पर पानी के अंदर प्राकृतिक रूप से बने 12 प्रेरक-स्तंभों (ट्वेल्व अपोस्टिल्स) के पास ही पांच और प्रेरक-स्तंभों (अपोस्टिल्स) की खोज की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये साठ हजार साल पुराने हो सकते हैं।
अपोस्टिल्स एक प्रकार के प्रतीकात्मक स्तंभ होते हैं, जिन पर ईसा मसीह के शिष्यों की आकृति बनी होती है।
समाचार एंजेसी सिन्हुआ के अनुसार, चूना-पत्थर से निर्मित यह प्रतीकात्मक पांच स्तंभ मूल स्तभों से छह किलोमीटर दूर विक्टोरिया राज्य के दक्षिणी तट के समुद्र में 50 मीटर की गहराई में मिले हैं।
मेलबर्न यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों के अनुसार, इन डूबे हुए स्तंभ की लंबाई पांच-छह मीटर है, और यह साठ हजार साल पुराने हो सकते हैं।
विक्टोरिया तट पर स्थित यह प्रतीकात्मक बारह स्तंभ समुद्री पर्यटन का अहम हिस्सा हैं, साथ ही यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े प्राकृतिक चमत्कारों में माने जाते हैं।
इस खोज को पर्यावरण की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
मेलबर्न स्कूल ऑफ जियोग्रॉफी में सहायक प्रोफेसर डेविड केन्नडी ने बताया, “यह पहली बार हुआ है, जब चूना-पत्थर के बने ये स्तंभ समुद्री सतह पर पाए गए हैं।”
सोनार डेटा का उपयोग कर इस खोज को अंजाम देने वाले मेलबर्न यूनिवर्सिटी के शोध छात्र रियानोन बेजोर के अनुसार, “इन समुद्री स्तंभों को आकार देने वाले ऐसे बहुत से पर्यावरणीय कारक हो सकते हैं। समुद्री सतह के तेज गति से ऊपर उठने के दौरान भूगर्भीय बदलाव इसके मुख्य कारक हैं।”
यह शोध गुरुवार को पत्रिका ‘कोस्टल रिसर्च’ में प्रकाशित हुआ है।
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