मैड्रिड, 11 मार्च (आईएएनएस)। फ्रांस की पूर्व खेल मंत्री रोजलिन बेकेलोट द्वारा टेनिस खिलाड़ी राफेल नडाल पर लगाए गए डोपिंग के आरोप के बाद स्पेन ओलंपिक समिति (सीओई) शुक्रवार को नडाल के बचाव में उतर आई।
बेकेलोट ने एक टॉक शो के दौरान कहा था कि नडाल ने 2012 में डोपिंग प्रतिबंध से बचने के लिए झूठी चोट का बहाना बनाया था।
14 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता नडाल हमेशा डोपिंग परीक्षण में पाक-साफ साबित हुए हैं।
समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के मुताबिक, सीओई ने एक बयान में कहा है, “नडाल विश्व टेनिस के शानदार खिलाड़ियों में से एक हैं। उन्होंने अपने करियर में अनगिनत डोपिंग टेस्ट में सफलता हासिल की है।”
सीओई ने कहा है, “एक ऐसी शख्सियत जिसके पास एक समय बड़ी जिम्मेदारी रही हो, उसके इन आधारहीन आरोपों से हम आहत हैं। उन्हें आरोप लगाने से पहले इस संबंध में तथ्य पेश करने चाहिए।”
समिति ने कहा है, “नडाल अन्य स्पैनिश खिलाड़ियों की तरह ही अपने खेल को जारी रखेंगे और स्पेन के लिए कई खिताब लेकर आएंगे।”
बेकेलोट 2007 से 2010 तक खेल मंत्री रही थीं और अब एक टीवी कार्यक्रम में हिस्सा लेती हैं। उन्होंने कहा कि हर किसी को नडाल की वह मशहूर चोट याद है जिसके कारण वह सात महीनों तक खेल से बाहर रहे थे। ऐसा कह कर उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि नडाल डोपिंग परीक्षण में असफल होने की वजह से टेनिस कोर्ट से बाहर थे।
बेकेलोट का यह बयान रूस की टेनिस स्टार मारिया शारापोवा के डोपिंग परीक्षण में असफल हो जाने के बाद आया है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि जब टेनिस खिलाड़ी महीनों खेल से बाहर रहते हैं तो इसका मतलब होता है कि वे डोपिंग परीक्षण में असफल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा हमेशा नहीं होता लेकिन होता रहता है।
बेकेलोट से पहले पूर्व टेनिस स्टार यानिक नोआह भी नडाल के डोपिंग परीक्षण में असफल रहने के बारे में संकेत दे चुके हैं।
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