राष्ट्रपति भवन में ‘अन्वेषण त्योहार’ 12 से 19 मार्च तक

नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रपति भवन राष्ट्रीय अन्वेषण संगठन (एनआईएफ) के साथ मिल कर 12 से 19 मार्च तक सप्ताह भर चलने वाले ‘अन्वेषणों के त्योहार’ की मेजबानी करेगा।

इस त्योहार की शुरुआत 12 मार्च को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अन्वेषणों पर एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ करेंगे। यह प्रदर्शनी मुगल गार्डेन के आगंतुकों समेत आम जनता के लिए 10 बजे सुबह से 5 बजे शाम तक खुली रहेगी।

इसके अलावा अन्वेषणों के त्योहार में तीन प्रदर्शिनियां, दो कार्यशालाएं, चार समूह चर्चाएं, दो पुरस्कार वितरण समारोह एवं विभिन्न विषयों पर एक गोलमेज बैठक भी शामिल है।

त्योहार की कुछ मुख्य विशेषताएं :

-13 मार्च, 2016 को नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा मुख्य संबोधन।

-‘सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय’, ‘अन्वेषण’ एवं ‘अनुसंधान’ के वर्गो में क्रमश: तेजपुर विश्वविद्यालय, जेएनयू के प्रोफेसर राकेश भटनागर एवं जेएनयू का मौलेक्यूलर पैरासिटोलॉजी ग्रुप 14 मार्च, 2016 को आगंतुक पुरस्कार का प्रस्तुतीकरण।

-13 मार्च, 2016 को गांधीवादी युवा प्रौद्योगिकी अन्वेषण (जीवाईटीआई) पुरस्कार का प्रस्तुतीकरण।

-राष्ट्रीय अन्वेषण क्लबों एवं असाधारण प्रौद्योगिकीय व्यवसाय इन्क्यूबेटर्स (टीबीआई) की असाधारण उपलब्धियों पर इश्तेहारों की प्रदर्शनी; चिकित्सा विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी में असाधारण अन्वेषणों की प्रदर्शनी; और स्वच्छ भारत से संबंधित असाधारण अन्वेषणों की प्रदर्शनी; क्रमश: 15, 16 एवं 18 मार्च, को आयोजित की जाएंगी।

– (क) समावेशी अन्वेषण; (ख) विज्ञान, प्रौद्योगिकीय एवं अन्वेषण का लाभ उठाने; (ग) समावेशी अन्वेषण विकास के लिए शिक्षा; (घ) समावेशी अन्वेषण इन्क्यूबेशन एवं अन्वेषक स्टार्टअप के लिए गतिवर्धन मॉडल; (च) अन्वेषण एवं कौशल विकास ; (छ) सार्वजनिक नीति एवं कार्यक्रमों में अन्वेषण के लिए प्रोत्साहन; (ज) व्यापक बदलाव के लिए सामाजिक अन्वेषण; (झ) सार्वजनिक सेवा आपूर्ति; (ट) चिकित्सा विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी में अन्वेषणों; एवं (ठ) अन्वेषणों के वित्त पोषणों के लिए वित्तीय विकल्प। गोलमेज परिचर्चाओं की प्रमुख अनुशंसाएं राष्ट्रपति को प्रस्तुत की जाएंगी।

इन सत्रों में जिन पैनलिस्ट के भाग लेने की उम्मीद है उनमें – डीएसटी के सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा; नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत; सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. गिरीश साहनी; आईसीएमआर की महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन; आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन मोहापात्रा एवं सिडबी, नाबार्ड, देना बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बंधन बैंक के प्रतिनिधि तथा फ्रांस, अमेरीका, सिंगापुर, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड, सउदी अरब, क्यूबा, कनाडा, चीन, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से विदेशी भागीदार भी शामिल हैं।

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